शनिवार, 26 सितंबर 2026

कल्याण सिंह कैंसर संस्थान में स्त्री रोग ऑन्कोलॉजी विभाग का स्थापना दिवस




महिलाओं में कैंसर बढ़ा, इलाज भी एडवांस


कल्याण सिंह कैंसर संस्थान में स्त्री रोग ऑन्कोलॉजी विभाग का स्थापना दिवस


लखनऊ। कल्याण सिंह सुपर स्पेशियलिटी कैंसर संस्थान में स्त्री रोग ऑन्कोलॉजी विभाग का पहला स्थापना दिवस मना। "ब्रिजिंग एडवांसेज विद प्रैक्टिस" विषय पर सी एम ई हुई। विशेषज्ञों ने कहा - यूपी में सर्वाइकल, ओवेरियन और यूटेराइन कैंसर बढ़ रहे हैं, पर समय पर जांच से 70 प्रतिशत मरीजों को बचाया जा सकता है।


विभागाध्यक्ष प्रो. सबुही कुरैशी ने प्रगति रिपोर्ट रखी। निदेशक प्रो. एम.एल.बी. भट्ट ने कहा - नई तकनीक और टीम वर्क से बेहतर इलाज संभव है। मुख्य अतिथि प्रो. उमा सिंह और एस्टर बेंगलुरु के डॉ. विजय के. आहूजा ने कहा - रोबोटिक सर्जरी और इम्यूनोथेरेपी से इलाज आसान हुआ है।


विशेषज्ञों के मुताबिक  सर्वाइकल कैंसर एचपीवी वायरस से होता है,  दूसरा सबसे आम है। ओवेरियन को साइलेंट किलर कहते हैं, इसके लक्षण पेट फूलना, भूख कम लगना, बार-बार पेशाब आना हैं, जिन्हें महिलाएं गैस समझ कर टाल देती हैं। 70 प्रतिशत केस तीसरी-चौथी स्टेज में आते हैं। एंडोमेट्रियल कैंसर मोटापा और हार्मोन गड़बड़ी से होता है, मेनोपॉज के बाद ब्लीडिंग इसका बड़ा संकेत है।


अब इलाज में क्रांति 


 रोबोटिक और लैप्रोस्कोपिक सर्जरी में बड़ा चीरा नहीं लगता, मरीज दो दिन में घर जाता है। हाइपेक थेरेपी में सर्जरी के बाद पेट में गर्म कीमो दी जाती है, इससे दोबारा खतरा 40 प्रतिशत कम होता है। अब बीआरसीए जैसे जीन टेस्ट के बाद टारगेटेड और इम्यूनोथेरेपी से सटीक दवा दी जाती है। चौथी स्टेज में भी पेलिएटिव केयर से दर्द-मुक्त जीवन संभव है।



ऐसे करे बचाव 



बचाव के लिए 9 से 26 साल की लड़कियों को एचपीवी वैक्सीन जरूरी है। 30 के बाद हर तीन साल पैप स्मीयर जांच कराएं। लगातार सफेद पानी, पीरियड्स के बीच ब्लीडिंग और पेट की सूजन को नजरअंदाज न करें।


 क्या करें, क्या न करें


लक्षण: पेट फूलना, भूख कम, बार-बार पेशाब, असामान्य ब्लीडिंग।

नया इलाज: रोबोटिक सर्जरी, हाइपेक, टारगेटेड दवा।

बचाव: 9-26 साल में एचपीवी टीका, 30 के बाद पैप स्मीयर, धूम्रपान से बचें।

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