गुरुवार, 10 सितंबर 2026

भारतीयों में हार्ट अटैक की वजह जीन नहीं, बिगड़ती लाइफस्टाइल


 भारतीयों में हार्ट अटैक की वजह जीन नहीं, बिगड़ती लाइफस्टाइल भारत में हर चौथी मौत हृदय रोग से होती है बचाव के लिए जरूरी है ब्लड प्रेशर, शुगर, कोलेस्ट्रॉल, वजन और कमर का घेरा पर नियंत्रण 


 लखनऊ । भारतीयों में कम उम्र में बढ़ते हार्ट अटैक के खतरे पर संजय गांधी पीजीआइ में "अ हार्ट-टू-हार्ट विषय पर चर्चा हुआ" । इसमें अमेरिका में बसे किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी के एलुमनाई प् फिजीशियन-फिल्ममेकर डा. निर्मल जोशी और डा. रेनू जोशी ने अपनी चर्चित डॉक्यूमेंट्री ‘द ब्राउन हार्ट’ दिखाई। फिल्म का केंद्रीय संदेश रहा - जीन बंदूक में गोली भरते हैं, ट्रिगर लाइफस्टाइल दबाती है और 80 फीसदी खतरा टाला जा सकता है। कार्यक्रम का उदघाटन संस्थान के निदेशक प्रो. डॉ. राधा कृष्ण धीमान ने किया। उन्होंने कहा, "स्वास्थ्य लग्जरी नहीं, रोज का चुनाव है। स्क्रीन टाइम, फास्ट फूड और तनाव युवा दिलों पर भारी पड़ रहा है। आदतें बदलेंगी तो दिल बदलेगा।" कार्डियोलॉजी विभागाध्यक्ष प्रो.  आदित्य कपूर ने कहा कि भारतीय दिल पर बात अब जल्दी और खुलकर होनी चाहिए। विज्ञान, अनुभव और कहानी मिले तो लोग समझते हैं।  प्रो. डॉ. रूपाली खन्ना ने महिलाओं में हृदय रोग के अनदेखे खतरे और देरी से पहचान पर चिंता जताई। 45 मिनट के सत्र में डॉ. जोशी दंपति ने बताया कि भारत में हर चौथी मौत हृदय रोग से है। बचाव के लिए अपने 5 नंबर जानना जरूरी है - ब्लड प्रेशर, शुगर, कोलेस्ट्रॉल, वजन और कमर का घेरा। इसके बाद हुए सवाल-जवाब सत्र में प्रो. आदित्य कपूर, प्रो. रूपाली खन्ना, प्रो. सत्येन्द्र तिवारी और डा. अंकित साहू ने शुरुआती लक्षण, स्क्रीनिंग और रोकथाम पर विस्तार से जवाब दिए।

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