शनिवार, 5 सितंबर 2026

पेट में गोली से फट गई छोटी आंत, डेढ़ लीटर खून जमा होने के बाद भी युवक की बची जान

 



पेट में गोली से फट गई छोटी आंत, डेढ़ लीटर खून जमा होने के बाद भी युवक की बची जान

तुरंत बड़े ऑपरेशन में 15 सेंटीमीटर आंत काटकर निकाली, 48 घंटे वेंटिलेटर पर रहा



लखनऊ


लखनऊ के एपीआई अंसल में 14 अगस्त की रात बड़ी वारदात हुई। गोसाईंगंज के उदवतखेड़ा निवासी 35 वर्षीय पंकज कुमार यादव को लूट के दौरान चोरों ने पेट में गोली मार दी। गोली लगने से काफी खून बह गया और वह शॉक में चले गए। परिजन गंभीर हालत में उन्हें संजय गांधी पीजीआइ के एपेक्स ट्रॉमा सेंटर लेकर पहुंचे।

यहां डॉक्टरों ने मरीज को देखते ही रिससिटेशन यानी हालत संभालने की प्रक्रिया शुरू की और बिना देर किए इमरजेंसी लैपरोटॉमी यानी पेट का बड़ा ऑपरेशन किया। ऑपरेशन के दौरान पेट में करीब डेढ़ लीटर खून जमा मिला। गोली से छोटी आंत यानी इलियम बुरी तरह फट गई थी। मरीज की जान बचाने के लिए डॉक्टरों ने छोटी आंत का करीब 15 सेंटीमीटर हिस्सा काटकर निकाल दिया।

ऑपरेशन के दौरान मरीज को कई बार खून चढ़ाना पड़ा। सर्जरी के बाद 48 घंटे तक उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया। इसके बाद आईसीयू में कई दिनों तक लगातार निगरानी और गहन इलाज किया गया। डॉक्टरों की टीम ने दिन-रात मेहनत कर मरीज को गंभीर स्थिति से बाहर निकाला। अब पंकज की हालत स्थिर है और उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है।


ट्रॉमा सर्जन की टीम ने किया जटिल ऑपरेशन


इस जटिल ऑपरेशन को ट्रॉमा सर्जन एडिशनल चीफ प्रोफेसर अमित कुमार सिंह ने सीनियर रेजिडेंट डॉक्टर आदित्य और डॉक्टर वरुण गुप्ता के साथ किया। एनेस्थीसिया टीम में एडिशनल प्रोफेसर डॉक्टर गणपत प्रसाद, डॉक्टर राफत शमीम और सीनियर रेजिडेंट डॉक्टर दीक्षा शामिल रहीं। ऑपरेशन थिएटर और आईसीयू की पूरी स्टाफ टीम ने भी इलाज में सहयोग किया।

संस्थान के निदेशक प्रोफेसर आर.के. धीमन ने पूरी टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह मामला बताता है कि गंभीर गोली लगने के बाद भी समय पर इलाज, तत्काल सर्जरी और बेहतर क्रिटिकल केयर से मरीज की जान बचाई जा सकती है।

उन्होंने बताया कि एपेक्स ट्रॉमा सेंटर में 24 घंटे इमरजेंसी ट्रॉमा और सर्जरी की सुविधा उपलब्ध है और यह सुविधा पूरी तरह निशुल्क दी जाती है। यह कितने शब्द की खबर है

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