विटामिन- डी और कैल्शियम की कमी बनी कमर दर्द की बड़ी वजह
60 फीसदी वर्टिब्रल कंप्रेशन फ्रैक्चर का कारण विटामिन डी और कैल्शियम की कमी
कमर दर्द के पीछे सिर्फ गलत पोश्चर ही नहीं, विटामिन- डी और कैल्शियम की भारी कमी भी बड़ी वजह बन रही है।
वर्ल्ड स्पाइन अवेयरनेस डे (16 अक्टूबर) पर संजय गांधी पीजीआइ के एपेक्स ट्रॉमा सेंटर के ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ. अमित कुमार ने बताया कि हमारी ओपीडी में आने वाले क्रॉनिक लो बैक पेन के 69.3 फीसदी मरीजों में विटामिन-D की भारी कमी और बाकी में अपर्याप्त स्तर मिला। विटामिन- डी कैल्शियम को हड्डी तक पहुंचाता है। कमी से वर्टिब्रा की बोन मिनरल डेंसिटी घटती है, पैरास्पाइनल मसल्स कमजोर होती हैं, जिससे मामूली झटके में भी दर्द-फ्रैक्चर होता है।
ऑर्थोपेडिक सर्जन प्रो. पुलक शर्मा के अनुसार देखा कि सामान्य आबादी में 80 से 90 फीसदी में कमी है । लखनऊ समेत उत्तर भारत में हर 10 में से 7-8 लोग शिकार हैं। धूप में निकलना बंद और डाइट में कैल्शियम कम होने से ऑस्टियोपोरोसिस बढ़ रहा है। 40 के बाद महिलाओं में 60 फीसदी वर्टिब्रल कंप्रेशन फ्रैक्चर इसी कारण होते हैं।
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95 फीसदी में नहीं पड़ती है ऑपरेशन की जरूरत
संजय गांधी पीजीआई के न्यूरो सर्जरी विभाग के प्रो. आशुतोष कुमार के मुताबिक
रीढ़ का स्वास्थ्य सक्रिय, आत्मनिर्भर जीवन का आधार है। 95 फीसदी से अधिक कमर दर्द मरीजों को ऑपरेशन की जरूरत नहीं, दवा, व्यायाम और जीवनशैली सुधार से राहत मिल जाती है। दर्द के साथ पैरों में कमजोरी, सुन्नपन या चलने में दिक्कत हो तो तुरंत न्यूरो सर्जन से मिलें। चुनिंदा मरीजों के लिए मिनिमली इनवेसिव-एंडोस्कोपिक सर्जरी वरदान है - छोटा चीरा, कम रक्तस्राव, कम दर्द और शीघ्र रिकवरी। संस्थान में इन तकनीकों से अधिक उम्र के मरीजों का भी उनकी समग्र स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार उपचार हो रहा है
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बचाव के उपाय
हर 45 मिनट पर ब्रेक-स्ट्रेच, स्क्रीन आंखों के लेवल पर रखें, लंबर सपोर्ट लगाएं, रोज सुबह 8-10 बजे 20 मिनट धूप, दूध-दही-अंडा-मशरूम, 1000 मिली ग्राम कैल्शियम और 30 नैनो ग्राम प्रति एम एक से ऊपर विटामिन- डी बनाए रखें, वजन घुटने मोड़कर उठाएं, झुककर नहीं।

























