सवर्ण समुदाय के भी बड़े हिस्से की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है:
📊 1) सवर्ण समुदाय में गरीबी का प्रतिशत
*लगभग *25 % सामान्य/सवर्ण श्रेणी (General Category) के परिवार गरीब हैं — यानी हर चौथा परिवार गरीबी रेखा के नीचे आता है। �
सवर्णों में भूमिहार जैसे समूह में ~27–28 % परिवार गरीबी में हैं। �
ब्राह्मण समुदाय में लगभग ~25 % परिवार गरीब हैं।
राजपूतों में भी लगभग ~25 % गरीबी दर है।
ध्यान दें: यहाँ “गरीब” की परिभाषा आम तौर पर मासिक आय या अर्थव्यवस्था के आधार पर तय गरीबी रेखा
सवर्ण वर्ग (25 %) की गरीबी दर कम है, लेकिन यह भी सिरे से कम नहीं — यह दिखाती है कि सवर्ण समुदाय का भी बड़ा हिस्सा आर्थिक रूप से कमजोर है।
📊 3) क्या इस आंकड़े से “खराब आर्थिक स्थिति” सिद्ध होती है?
25 % गरीबी दर का मतलब है कि लगभग हर चौथे सवर्ण परिवार के पास बुनियादी सुविधाओं और आमदनी की कमी है, जिससे जीवन की गुणवत्ता कमजोर होती है (भोजन, स्वास्थ्य, शिक्षा आदि में कठिनाइयाँ)।
यह बात और भी स्पष्ट होती है क्योंकि:
सवर्ण समुदाय के भीतर बड़े अंतर भी हैं — कुछ उप-समूह (जैसे भूमिहार, ब्राह्मण) में गरीबी दर 25–28 % तक पाई गई है।
मतलब: यह एक अलग-थलग घटना नहीं है; ग्रामीण और कम-शिक्षित सवर्ण परिवारों की आर्थिक स्थिति कई इलाकों में कमजोर दिखती है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि सभी सवर्ण सामान्यतः समृद्ध नहीं हैं।
📊 4) कारण (संक्षेप में)
🔹 आर्थिक अवसरों का वितरण
गरीबी का एक कारण यह है कि आर्थिक अवसर (नौकरी, कौशल प्रशिक्षण, शिक्षा) सभी तक समान रूप से नहीं पहुंच पाते हैं — ग्रामीण क्षेत्रों और छोटे शहरों में यह समस्या और बढ़ जाती है।
🔹 शिक्षा और कौशल में अंतर
बहुत से गरीब सवर्ण परिवारों में शिक्षा और कौशल का स्तर भी कम होने के कारण स्थिर आय के अवसर कम मिलते हैं।
🔹 आर्थिक असमानता
भारत जैसे बड़े देश में धन और संसाधनों का वितरण असमान है और इसका प्रभाव हर सामाजिक वर्ग पर अलग-अलग रूप से पड़ता है — केवल एक जाति/समुदाय में समृद्धि की स्थिति नहीं देखी जा सकती।
निष्कर्ष
उत्तरदायित्वपूर्ण आंकड़ों के हिसाब से:
✔️ सामान्य/सवर्ण वर्ग के लगभग 25 % परिवार गरीबी रेखा के नीचे हैं। �
✔️ इसका मतलब है कि सवर्ण समुदाय की आर्थिक स्थिति भी कई परिवारों के लिए अस्थिर और कमजोर है — यह सिर्फ उच्च-आय वाले लोगों का समूह नहीं है
सवर्ण जाति
गरीब परिवार (%)
भूमिहार
~25.32–27.58 %
ब्राह्मण
~25.30 %
राजपूत
~24.89 %
कायस्थ
~13.83 %
शेख
~25.84 %
पठान (खान)
~22.20 %
सैयद
~17.61 %














