पीजीआइ :एनेस्थिसियोलॉजी विभाग का 39वां स्थापना
- स्थापित होगा पेरिऑपरेटिव मेडिसिन मॉडल
- ऑपरेशन से पहले और बाद तक एक ही टीम करेगी मरीज की देखभाल
- शुरू होगा पीडियाट्रिक, पेन और ट्रांसप्लांट एनेस्थीसिया डीएम पाठ्यक्रम
- विभाग में बढ़ेंगे 18 फैकल्टी, 42 से होंगे 60
संजय गांधी पीजीआइ में अब एनेस्थीसिया टीम सिर्फ ऑपरेशन थिएटर में बेहोश करने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि ऑपरेशन से पहले से लेकर बाद तक मरीज की पूरी देखभाल करेगी। पेरिऑपरेटिव मेडिसिन के इस नए मॉडल से इलाज की गुणवत्ता बढ़ेगी। जटिलताएं कम होंगी । मरीजों की तेजी से रिकवरी होगी। शनिवार को एनेस्थिसियोलॉजी विभाग के 39वें स्थापना दिवस समारोह के मौके पर विभाग के प्रमुख प्रो. संजय धीराज और प्रो. सुजीत गौतम ने बताया कि अक्सर एक ही मरीज में कई बीमारियां होती हैं, जिसके लिए उसे कई विभागों में भेजना पड़ता है, इसमें समय लगता है और मरीज की स्थिति खराब हो जाती है। नए माडल में मरीज की परेशानी कम कर उसे जल्द से जल्द सर्जरी लायक बनाया जाएगा। ऑपरेशन से पहले जोखिम का आकलन और मरीज को ऑप्टिमाइज करना, प्री-ऑपरेटिव मैनेजमेंट, ऑपरेशन के दौरान एनेस्थीसिया और बाद में दर्द प्रबंधन व आईसीयू केयर एक ही टीम करेगी। अस्पताल में रहने का समय घटेगा और रिकवरी तेज होगी। इसके लिए क्वाटरनेरी केयर में 120 बेड की व्यवस्था भी की जा रही है। प्रो. संदीप खुबा ने बताया कि विभाग में कार्डियक और न्यूरो एनेस्थीसिया में डीएम कोर्स पहले से चल रहे हैं और अब जल्द ही पीडियाट्रिक, पेन और ट्रांसप्लांट एनेस्थीसिया में तीन नए डीएम कोर्स शुरू किए जाएंगे। एमडी छात्रों के लिए सिमुलेटर आधारित ट्रेनिंग भी बढ़ाई जा रही है। इस मौके पर संस्थान के निदेशक प्रो. आर.के. धीमान ने विभाग की उपलब्धियों की सराहना की और शिक्षकों व छात्रों से जिम्मेदारी के साथ कर्तव्य निर्वहन का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि एनेस्थीसिया विभाग में संकाय सदस्यों की संख्या जल्द ही 42 से बढ़ाकर 60 की जाएगी यानी 18 नए फैकल्टी जुड़ेंगे। इससे सर्जरी की संख्या बढ़ेगी, ऑपरेशन की वेटिंग कम होगी और आईसीयू केयर बेहतर होगा। समारोह में बोधिसत्व यूनिवर्सिटी के प्रो-वाइस चांसलर व एम्स पटना के पूर्व निदेशक प्रो. पी.के. सिंह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक एनेस्थीसिया विभाग के प्रो देवेंद्र गुप्ता ने बताया कि स्ट्रेस मैनेजमेंट और एनहांस्ड रिकवरी आफ्टर सर्जरी पर सीएमई तथा कैंसर में दर्द प्रबंधन पर साइंटिफिक सेशन का आयोजन हुआ। टेक्नोलॉजिस्ट राजीव सक्सेना, धीरज सिंह एनेस्थीसिया में टेक्नोलॉजिस्ट की भूमिका पर जानकारी दी। विभाग की प्रथम एचओडी स्व. प्रो. सोमा कौशिक की स्मृति में ओरेशन का भी आयोजन किया गया।
यह हुए सम्मानित
बेस्ट फैकल्टी: डॉ. तापस कुमार सिंह; बेस्ट जूनियर रेजिडेंट III: डॉ. मीनाक्षी के, डॉ . प्रशंसा अत्री, डॉ. राहुल कुमार मिश्रा; बेस्ट ऑफिस स्टाफ: पवन कुमार दुबे; बेस्ट नर्सिंग ऑफिसर: सचिन पी जोसेफ; बेस्ट नर्सिंग ऑफिसर (आउटसोर्स): अमित तिवारी; बेस्ट टेक्निकल ऑफिसर: चंद्रेश कुमार कश्यप; बेस्ट टेक्निकल ऑफिसर (आउटसोर्स): रुचि सिंह; बेस्ट सीनियर रेजिडेंट्स: डॉ. जैस्मीन कौर, डॉ. अर्पिता यादव, डॉ. श्रद्धा गांगले, डॉ. आयुषी श्रीवास्तव और डॉ. दीक्षा रानी।























