जब 'कैंसर' का डर हुआ खत्म... 30 वर्षीय युवक की जिंदगी में लौटी लंबे जीवन की उम्मीद
पीजीआइ में दुर्लभ बीमारी से ग्रस्त युवक को मिली राहत,
ऑपरेशन के बाद हिस्टोपैथोलॉजी रिपोर्ट ने दूर की कैंसर की आशंका
कभी-कभी जांच रिपोर्ट और लक्षण ऐसी तस्वीर पेश करते हैं कि मरीज और डॉक्टर दोनों के सामने कैंसर की आशंका सबसे बड़ी चुनौती बन जाती है। 30 वर्षीय एक युवक के साथ भी ऐसा ही हुआ। बिना दर्द के बढ़ता पीलिया, तेजी से घटता वजन और पित्त नली में रुकावट जैसे संकेत पित्ताशय या पित्त नली के कैंसर की ओर इशारा कर रहे थे। कई जगह इलाज के बाद युवक को संजय गांधी पीजीआइ के सर्जिकल गैस्ट्रोएंटेरोलॉजी विभाग लाया गया। जांच में नहीं हो सकी बीमारी की पुष्टि प्रो. अशोक कुमार की देखरेख में पहले एंडोस्कोपी के जरिए पित्त का बहाव सामान्य किया गया। इसके बाद सीटी स्कैन, एमआरआई और अन्य जांचें हुईं, लेकिन यह तय नहीं हो सका कि बीमारी कैंसर है या नहीं। कैंसर की प्रबल आशंका को देखते हुए डॉक्टरों ने ऑपरेशन का फैसला लिया। लैप्रोस्कोपी से बनाई नई पित्त नली प्रो. अशोक कुमार और उनकी टीम ने दूरबीन विधि से प्रभावित पित्ताशय और पित्त नली को निकालकर नई पित्त नली का पुनर्निर्माण किया। ऑपरेशन के बाद निकाले गए ऊतकों की हिस्टोपैथोलॉजी जांच कराई गई, जिसकी रिपोर्ट का परिवार बेसब्री से इंतजार कर रहा था। रिपोर्ट में सामने आई दुर्लभ बीमारी जांच में पता चला कि युवक को कैंसर नहीं, बल्कि ग्रैनुलोमेटस कोलेसिस्टाइटिस और ग्रैनुलोमेटस कोलेडोकोलाइटिस नामक दुर्लभ सूजन संबंधी बीमारी थी। बाद में यह सुनिश्चित करने के लिए अन्य जांचें भी कराई गईं कि सूजन किसी दूसरी गंभीर बीमारी से जुड़ी नहीं है। सभी रिपोर्ट सामान्य रहीं। प्रो. अशोक कुमार के अनुसार, पित्ताशय और पित्त नली की कुछ दुर्लभ सूजन संबंधी बीमारियां जांच में कैंसर जैसी दिखाई देती हैं। ऐसे मामलों में अंतिम पुष्टि केवल हिस्टो पैथोलॉजी से ही संभव होती है। उन्होंने सलाह दी कि बिना दर्द के पीलिया, लगातार वजन घटना या पित्त नली में रुकावट जैसे लक्षणों को नजरअंदाज न करें और गैस्ट्रो विशेषज्ञ से समय पर परामर्श लें। हर मामला कैंसर नहीं होता और सही जांच व उपचार से मरीज पूरी तरह स्वस्थ हो सकता है। गैस्ट्रो सर्जरी विभाग के प्रो. अशोक कुमार और उनके सहयोगी डा. रोहित सिंह के इस दुर्लभ मामले को अंतरराष्ट्रीय मेडिकल जर्नल क्यूरियस ने स्वीकार किया है।


























