शुक्रवार, 27 फ़रवरी 2026

नर्सिंग अधिकारी पर सामूहिक हमला, ए आई आर एफ ने राज्यपाल से की कड़ी कार्रवाई और सुरक्षा की मांग

 


बीआरडी मेडिकल कॉलेज गोरखपुर में नर्सिंग अधिकारी पर सामूहिक हमला,

 ए आई आर एफ ने राज्यपाल से की कड़ी कार्रवाई और सुरक्षा की मांग

 बी.आर.डी. मेडिकल कॉलेज, गोरखपुर में ड्यूटी पर तैनात एक नर्सिंग अधिकारी पर एमबीबीएस छात्रों द्वारा कथित रूप से सामूहिक हमला किए जाने का गंभीर मामला सामने आया है। इस घटना को लेकर ऑल इंडिया रजिस्टर्ड नर्स फडरेशन के प्रदेश अध्यक्ष अनुराग वर्मा

 ने उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल को पत्र लिखकर तत्काल संज्ञान लेने, निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

फेडरेशन के  उत्तर प्रदेश समिति की ओर से भेजे गए पत्र के अनुसार, 26 फरवरी 2026 की रात लगभग 1:30 बजे बीआरडी मेडिकल कॉलेज में यह घटना हुई। आरोप है कि ड्यूटी के दौरान 15–20 एमबीबीएस छात्रों ने नर्सिंग अधिकारी पर हमला किया, जिसमें उन्हें शारीरिक चोटें आईं। हमले के दौरान अभद्रता और अपमानजनक व्यवहार किए जाने का भी आरोप है। पीड़ित नर्सिंग अधिकारी ने इस संबंध में अस्पताल प्रशासन और संबंधित अधिकारियों को लिखित शिकायत सौंप दी है।

AIRNF ने पत्र में कहा है कि नर्सिंग अधिकारी स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ होते हैं और 24×7 मरीजों की सेवा में तत्पर रहते हैं। ऐसे में उनके साथ हिंसा, अपमान और भय का माहौल न केवल नर्सिंग समुदाय का मनोबल तोड़ता है, बल्कि पूरे स्वास्थ्य सेवा तंत्र को कमजोर करता है। संगठन ने इसे निंदनीय और अस्वीकार्य बताते हुए कहा कि नर्सिंग पेशा केवल रोजगार नहीं, बल्कि सेवा, त्याग और मानवता का प्रतीक है, जिसकी गरिमा और सुरक्षा सुनिश्चित करना राज्य का संवैधानिक व नैतिक दायित्व है।

फेडरेशन ने मांग की है कि घटना की उच्चस्तरीय, निष्पक्ष और समयबद्ध जांच कराई जाए तथा दोषी छात्रों के खिलाफ विधिसम्मत कड़ी कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही प्रदेश के सभी सरकारी मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में नर्सिंग अधिकारियों की सुरक्षा के लिए स्थायी सुरक्षा व्यवस्था—पुलिस सहायता केंद्र, पर्याप्त सुरक्षा गार्ड और सीसीटीवी निगरानी—लागू की जाए।

इसके अलावा, ए आईं आर एन एफ ने सभी स्वास्थ्य संस्थानों में “हेल्थकेयर वर्कर प्रोटेक्शन एक्ट” को अनिवार्य रूप से प्रभावी ढंग से लागू करने की भी मांग की है, ताकि नर्सिंग अधिकारियों सहित सभी स्वास्थ्यकर्मी सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण में कार्य कर सकें।

पत्र के अंत में संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते कठोर और उदाहरणात्मक कार्रवाई नहीं हुई, तो इससे व्यापक असंतोष की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। फेडरेशन ने राज्यपाल से इस गंभीर विषय में शीघ्र हस्तक्षेप कर न्याय और सुरक्षा सुनिश्चित करने का आग्रह किया है।

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