एसजीपीजीआई के सलोनी हार्ट सेंटर में बच्चों के दिल के इलाज को नई ताकत, एचसीएल फाउंडेशन ने दिए एक करोड़ के जीवनरक्षक उपकरण
लखनऊ। संजय गांधी पीजीआई के सलोनी हार्ट सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इन चिल्ड्रेन हार्ट हेल्थकेयर में बच्चों के दिल के इलाज को नई मजबूती मिली है। एचसीएल फाउंडेश द्वारा दान किए गए अत्याधुनिक जीवनरक्षक उपकरणों का उद्घाटन किया गया। करीब एक करोड़ रुपये की लागत से मिले इन संसाधनों से जन्मजात हृदय रोग, यानी दिल में छेद, से पीड़ित बच्चों के इलाज और सर्जरी के बाद देखभाल में उल्लेखनीय सुधार होगा।
फाउंडेशन ने केंद्र के फेज-एक में स्थापित छह बेड वाले आईसीयू के एक हिस्से को उन्नत तकनीक से सुसज्जित किया है। इसमें एस-एल-ई 6000 पीडियाट्रिक नियोनेटल वेंटिलेटर, पांडा रिससव्यू वार्मर विद रिससिटेशन ट्रॉली और जी-ई बिलीसॉफ्ट फाइबर ऑप्टिक फोटोथेरेपी सिस्टम शामिल हैं। ये उपकरण नवजात और छोटे बच्चों को श्वसन सहायता, तापमान संतुलन और पीलिया के उपचार में मदद करेंगे।
कार्यक्रम के दौरान निर्माणाधीन परिसर का निरीक्षण, रिबन-कटिंग समारोह और डॉ. हरगोविंद खुराना ऑडिटोरियम में “ऑनरिंग हार्टबीट हीरोज़” सत्र आयोजित किया गया। इसमें मुख्यमंत्री के मुख्य सलाहकार, आई-ए-एस श्री अवनीश कुमार अवस्थी, अपर मुख्य सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण अमित कुमार घोष, निदेशक, एसजीपीजीआई प्रो. राधा के. धीमान, विभागाध्यक्ष, सीवीटीएस प्रो. एस.के. अग्रवाल, एग्जीक्यूटिव चेयरमैन, सलोनी हार्ट फाउंडेशन (यूएसए) हिमांशु सेठ, अध्यक्ष, सलोनी हार्ट फाउंडेशन की मृणालिनी सेठ और सीनियर वाइस प्रेसिडेंट, एचसीएल श ऋषि कुमार सहित कई लोग उपस्थित रहे।
सलोनी हार्ट सेंटर का उद्घाटन 22 अक्टूबर 2024 को मुख्यमंत्री ने किया था। 200 बेड वाले इस केंद्र के पूर्ण होने पर हर वर्ष 5,000 हृदय सर्जरी, 1,400 स्वास्थ्य कर्मियों का प्रशिक्षण और शोध कार्य किए जाएंगे। इसी अवसर पर अपर मुख्य सचिव अमित कुमार घोष ने 2026–27 के बजट में 100 करोड़ रुपये की सहायता से निर्माण कार्य तेज करने की घोषणा की। मुख्य सलाहकार अवनीश कुमार अवस्थी ने बच्चों के स्वास्थ्य के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता

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