कैंसर इलाज को नई ऊंचाई: केएसएसएससीआई में प्रोटॉन बीम थेरेपी व क्वाटरनरी केयर सेंटर को मंजूरी
लखनऊ। प्रदेश में कैंसर उपचार को विश्वस्तरीय बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए कल्याण सिंह अति विशिष्ट कैंसर संस्थान की 12वीं शासी निकाय बैठक में कई ऐतिहासिक निर्णय लिए गए। 18 फरवरी 2026 को लोक भवन में आयोजित बैठक में संस्थान में प्रोटॉन बीम थेरेपी, क्वाटरनरी कैंसर केयर सेंटर, टेली-रेडियोलॉजी सेवाओं, एडवांस्ड कैंसर रिसर्च सेंटर तथा पॉपुलेशन बेस्ड कैंसर रजिस्ट्री को मंजूरी दी गई। इन फैसलों से उत्तर प्रदेश के कैंसर मरीजों को अत्याधुनिक, सटीक और सुरक्षित इलाज एक ही छत के नीचे उपलब्ध हो सकेगा।
बैठक की अध्यक्षता चेयरमैन, कल्याण सिंह कैंसर संस्थान सोसाइटी एवं मुख्य सचिव, उत्तर प्रदेश सरकार – शशि प्रकाश गोयल ने की। बैठक में उपाध्यक्ष, कल्याण सिंह कैंसर संस्था सोसाइटी एवं अपर मुख्य सचिव, चिकित्सा शिक्षा विभाग – अमित कुमार घोष, विशेष सचिव, वित्त विभाग – समीर वर्मा, विशेष सचिव – रेनू तिवारी, महानिदेशक, चिकित्सा शिक्षा, उत्तर प्रदेश सरकार – डॉ. सारिका मोहन उपस्थित रहीं।
संस्थान स्तर पर निदेशक, – प्रो. मदन लाल ब्रह्म भट्ट, कार्यपालक कुलसचिव – डॉ. आयुष लोहिया, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक – प्रो. विजेंद्र कुमार तथा चिकित्सा अधीक्षक – डॉ. वरुण विजय ने भी बैठक में भाग लिया।
बैठक में प्रोटॉन बीम थेरेपी को मंजूरी दी गई, जो कैंसर उपचार की अत्याधुनिक रेडियोथेरेपी तकनीक है। इसमें प्रोटॉन कणों की मदद से ट्यूमर को अत्यंत सटीकता से निशाना बनाया जाता है, जिससे आसपास के स्वस्थ ऊतकों को न्यूनतम नुकसान पहुंचता है। यह तकनीक विशेष रूप से बच्चों के कैंसर, मस्तिष्क, सिर-गर्दन, स्पाइनल और प्रोस्टेट जैसे संवेदनशील अंगों के ट्यूमर में अधिक लाभकारी मानी जाती है।
इसके साथ ही क्वाटरनरी कैंसर केयर सेंटर की स्थापना को स्वीकृति दी गई, जहां अत्यंत जटिल और उन्नत कैंसर उपचार के लिए अत्याधुनिक तकनीक, उच्चस्तरीय विशेषज्ञता और बहुविषयक टीम एक ही स्थान पर उपलब्ध रहेगी। रेडियोडायग्नोसिस विभाग में टेली-रेडियोलॉजी सेवाओं की अनुमति मिलने से एमआरआई, सीटी स्कैन, एक्स-रे और डिजिटल मैमोग्राफी जैसी सुविधाएं और अधिक सुलभ होंगी।
बैठक में एडवांस्ड कैंसर रिसर्च सेंटर, एडवांस्ड मॉलिक्यूलर लैब तथा सेंटर फॉर एडवांस मॉलिक्यूलर डायग्नोस्टिक एंड रिसर्च फॉर कैंसर द्वारा की जाने वाली विभिन्न जांचों की दरों को भी मंजूरी दी गई। इससे कैंसर की शुरुआती और सटीक पहचान, पर्सनलाइज्ड उपचार, लक्षित थेरेपी, बेहतर उपचार परिणाम और कम दुष्प्रभाव सुनिश्चित होंगे।
प्रदेश में कैंसर के वास्तविक बोझ और कैंसर से होने वाली मृत्यु दर के सटीक आकलन के लिए पॉपुलेशन बेस्ड कैंसर रजिस्ट्री को लागू करने के प्रस्ताव को भी स्वीकृति दी गई है। इससे लखनऊ सहित पूरे उत्तर प्रदेश में कैंसर नियंत्रण की रणनीतियों को वैज्ञानिक आधार मिलेगा।
मानव संसाधन और शिक्षा के क्षेत्र में भी अहम फैसले लिए गए। ऑन्को-पैथोलॉजी में पोस्ट-डॉक्टरल सर्टिफिकेट कोर्स , गायनेकोलॉजिकल ऑन्कोलॉजी और सर्जिकल ऑन्कोलॉजी में एम सी एच पाठ्यक्रमों को मंजूरी दी गई। साथ ही विभिन्न विभागों में 31 अतिरिक्त फैकल्टी और 78 सीनियर व जूनियर रेजिडेंट पदों को स्वीकृति तथा संस्थान में पी एच डी. नियमों और रेगुलेशन को मंजूरी दी गई।
बैठक में कुल 36 एजेंडा बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। रोगी देखभाल सेवाओं के सुदृढ़ीकरण, अवसंरचना विकास, मानव संसाधन को सशक्त बनाने और समग्र कैंसर केयर सुविधाओं के विस्तार से जुड़े निर्णयों को मंजूरी दी गई, जिससे संस्थान को प्रदेश ही नहीं, देश के अग्रणी कैंसर संस्थानों में स्थापित करने की दिशा में मजबूत आधार तैयार हुआ है।

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