शनिवार, 7 मार्च 2026

एसजीपीजीआई में एनएएमएस सेल का उद्घाटन, चिकित्सा शिक्षा व अनुसंधान को मिलेगा नया मंच

 




एसजीपीजीआई में एनएएमएस सेल का उद्घाटन, चिकित्सा शिक्षा व अनुसंधान को मिलेगा नया मंच


 प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों के साथ मिलकर मिलकर बीमारियों के खिलाफ चलेगा जागरूकता अभियान


 लखनऊ। संजय गांधी पीजीआई में शनिवार को नेशनल एकेडमी आफ मेडिकल साइंस (एनएएमएस इंडिया) के सहयोग से स्थापित एनएएमएस सेल का उद्घाटन किया गया। इस पहल का उद्देश्य देश में संक्रामक और गैर-संक्रामक रोगों के बढ़ते बोझ को कम करने के लिए चिकित्सा शिक्षा, प्रशिक्षण और अनुसंधान को मजबूत करना है। संस्थान के निदेशक एवं एनएएमएस सेल के संरक्षक प्रोफेसर आर.के. धीमन ने कहा कि एसजीपीजीआई का मूल जनादेश—रोगी देखभाल, शिक्षण और अनुसंधान—एनएएमएस इंडिया की अवधारणा से पूरी तरह मेल खाता है। इस साझेदारी से चिकित्सा शिक्षा और शोध गतिविधियों को नई गति मिलेगी। उन्होंने बताया कि संस्थान एनएएमएस इंडिया के साथ मिलकर भारत स्तर पर विभिन्न संक्रामक और गैर-संक्रामक रोगों के बोझ को नियंत्रित करने और कम करने के लिए विभिन्न कार्यबल विकसित करेगा। एनएएमएस सेल के नोडल अधिकारी प्रो संदीप साहू ने बताया कि उनकी टीम के नेतृत्व में यह सेल उत्तर प्रदेश के 85 से अधिक मेडिकल कॉलेजों में “हब-एंड-स्पोक मॉडल” के आधार पर कार्य करेगा। इसके तहत फैकल्टी और मेडिकल छात्रों के नेतृत्व विकास, शिक्षण, प्रशिक्षण और अनुसंधान गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा। उद्घाटन समारोह में प्रोफेसर राजेंद्र प्रसाद (अध्यक्ष, एनएएमएस उत्तर प्रदेश राज्य), संस्थान के डीन प्रोफेसर शालीन कुमार, एनेस्थेसियोलॉजी विभागाध्यक्ष प्रो संजय धीराज, कार्यकारी रजिस्ट्रार कर्नल वरुण बाजपेयी, एनएएमएस सेल की सदस्य डॉ. दिव्या श्रीवास्तव और डॉ. सुरेंद्र सिंह भी मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान प्रो राजेंद्र प्रसाद ने “छाती के एक्स-रे की नैदानिक व्याख्या” विषय पर उद्घाटन व्याख्यान दिया और चिकित्सकों को रोगों की शुरुआती पहचान में एक्स-रे की भूमिका के बारे में विस्तार से जानकारी दी। संस्थान के चिकित्सा अधीक्षक और अस्पताल प्रशासन विभाग के प्रोफेसर राजेश हर्षवर्धन ने कहा कि इस सेल की स्थापना से राज्य में चिकित्सा अनुसंधान, प्रशिक्षण और अकादमिक सहयोग को नया मंच मिलेगा।

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें