बुधवार, 18 मार्च 2026

एसजीपीजीआई में समाज कार्य दिवस पर कार्यक्रम,

 




एसजीपीजीआई में समाज कार्य दिवस पर कार्यक्रम, इलाज के साथ मानसिक-सामाजिक सहयोग को बताया जरूरी

संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान में विश्व समाज कार्य दिवस के अवसर पर आयोजित जागरूकता कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने मरीजों के समग्र उपचार में सामाजिक और मानसिक सहयोग की अहम भूमिका पर जोर दिया। कार्यक्रम का विषय “अस्पतालों में समाज कार्य की भूमिका : एक परिचय” रहा, जिसमें चिकित्सा समाज सेवा संवर्ग की सक्रिय भागीदारी रही।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि निदेशक प्रो. आर. के. धीमन ने कहा कि बड़े चिकित्सा संस्थानों में मेडिकल सोशल वर्कर्स मरीजों और उनके परिजनों को भावनात्मक सहारा देने के साथ उपचार प्रक्रिया को सहज बनाते हैं। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक प्रो. देवेंद्र गुप्ता ने समाज कार्यकर्ताओं को डॉक्टर और मरीज के बीच भरोसे की मजबूत कड़ी बताया।

तकनीकी सत्र में विशेषज्ञों ने विभिन्न पहलुओं पर व्याख्यान दिए। प्रो. देवेंद्र गुप्ता ने अस्पतालों में मेडिकल सोशल वर्कर्स की मुख्य दक्षताओं पर विस्तृत जानकारी दी। श्री पंकज सिंह ने आईसीयू में समाज कार्यकर्ताओं की भूमिका पर प्रकाश डाला, जबकि डॉ. मुनीब अफाक ने ओपीडी में अपने अनुभव साझा किए।

क्रिटिकल केयर मेडिसिन विभाग की प्रमुख प्रो. बनानी पोद्दार ने सुझाव दिया कि दुर्लभ बीमारियों और पैलिएटिव केयर पर नियमित मासिक जागरूकता सत्र आयोजित किए जाने चाहिए, ताकि अधिक से अधिक लोग लाभान्वित हो सकें।

कार्यक्रम में राम मनोहर लोहिया विश्वविद्यालय, डॉ. शकुंतला मिश्रा पुनर्वास विश्वविद्यालय और रामस्वरूप मेमोरियल विश्वविद्यालय के छात्र-शिक्षकों की भागीदारी से अकादमिक संवाद को मजबूती मिली।

आम आदमी के लिए क्यों अहम

इस पहल से मरीजों को इलाज के साथ मानसिक और सामाजिक सहयोग मिलने का रास्ता मजबूत होगा। गंभीर बीमारियों में परिजनों को काउंसलिंग, सरकारी योजनाओं की जानकारी और सही मार्गदर्शन मिल सकेगा। साथ ही दुर्लभ रोग और पैलिएटिव केयर जैसे विषयों पर जागरूकता बढ़ने से मरीज समय पर सही निर्णय ले सकेंगे।

कार्यक्रम के अंत में संयोजक श्री सुरेंद्र कुमार ने अतिथियों के प्रति आभार जताते हुए कहा कि ऐसे आयोजन स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक मानवीय बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

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