पीजीआई का शोध: नई तकनीक से निगलने की दिक्कत में राहत, कुछ मरीजों में हल्की एसिडिटी
पीजीआई का शोध: नई तकनीक से निगलने की दिक्कत में राहत, कुछ मरीजों में हल्की एसिडिटी _
लखनऊ संजय गांधी पीजीआई के विशेषज्ञों के एक नए शोध में अच्छी खबर सामने आई है। एक्लेसिया जैसी बीमारी, जिसमें मरीज को खाना निगलने में दिक्कत होती है, उसके इलाज में इस्तेमाल हो रही पोयम (पेरी ओरल एंडोस्कोपिक मायोटॉमी) तकनीक काफी असरदार साबित हो रही है। यह शोध अंतरराष्ट्रीय जर्नल डाइजेस्टिव डिजीज साइंसेज में फरवरी 2026 में स्वीकार हुआ है । गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विभाग के विशेषज्ञों ने पोयम तकनीक से कराने वाले 54 मरीजों पर अध्ययन किया। इनमें से 50 मरीजों का करीब दो साल तक फॉलोअप किया गया। नतीजों में पता चला कि ज्यादातर मरीजों को इलाज के बाद काफी राहत मिली और वे सामान्य तरीके से खाना खा पा रहे थे। हालांकि, कुछ मरीजों में बाद में जीईआरडी (गैस्ट्रो इसोफेजियल रिफ्लक्स डिजीज) की समस्या भी दिखी। आंकड़ों के अनुसार करीब 42 प्रतिशत मरीजों में पीएच इम्पीडेंस जांच से रिफ्लक्स मिला, लेकिन सिर्फ 18 प्रतिशत मरीजों को ही इसके लक्षण महसूस हुए। इसके अलावा 14 प्रतिशत मरीजों में एंडोस्कोपी में सूजन (रिफ्लक्स इसोफेजाइटिस) दिखी। कुल मिलाकर 16 प्रतिशत में एसिड रिफ्लक्स और 26 प्रतिशत में नॉन-एसिड रिफ्लक्स देखा गया। मुख्य शोधकर्ता एवं गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विभाग के प्रमुख प्रो प्रवीर राय के मुताबिक अच्छी बात यह है कि ज्यादातर मामलों में यह समस्या हल्की रही और दवा व खानपान में बदलाव से आसानी से ठीक हो सकती है। यह शोध प्रो. प्रवीर राय, डॉ. प्रभात कुमार वर्मा, डॉ. अंकित मिश्रा, डॉ. पंकज कुमार, प्रो. अंशुमन एलहेंस, डॉ. आशीष कांत दुबे और डॉ. प्रभाकर मिश्रा की टीम ने मिलकर किया है।
बॉक्स: क्या है पोयम (पेरी ओरल एंडोस्कोपिक मायोटॉमी) एक आधुनिक इलाज है। इसमें बिना बड़ा चीरा लगाए मुंह के रास्ते एंडोस्कोप डालकर अन्ननली की कसी हुई मांसपेशियों को ढीला किया जाता है। इससे मरीज को खाना निगलने में आसानी हो जाती है।
बॉक्स: क्या है एक्लेसिया यह खाने की नली की बीमारी है, जिसमें खाना पेट तक आसानी से नहीं पहुंच पाता। इसमें नीचे का वाल्व ठीक से नहीं खुलता, जिससे मरीज को खाना निगलने में दिक्कत सीने में भारीपन खाना अटकने जैसा महसूस होना जैसी समस्याएं होती हैं। सही इलाज से मरीज सामान्य जीवन जी सकता है।

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