गुर्दे में परेशानी से भी हो सकता है हाइपरटेंशन
विश्व किडनी दिवस
एल्बुमिन परीक्षण से पता कर सकते हैं गुर्दे की सेहत
कुमार संजय, लखनऊ
उच्च रक्तचाप अनियंत्रित रहने पर गुर्दे की सूक्ष्म रक्तवाहिका एफरेंट आर्टिरियोज में सिकुड़न हो जाती है, जिसकी वजह से रक्तचाप का ऑटोरेगुलेशन गुर्दे में समाप्त हो जाता है। इसकी वजह से गुर्दे में छननी का काम करने वाले ग्लोमेरुलस झिल्ली कमजोर हो जाती है और गुर्दे काम करना बंद कर देते हैं।
यह जानकारी संजय गांधी पीजीआई के गुर्दा रोग विशेषज्ञ प्रो. नारायण प्रसाद ने विश्व गुर्दा दिवस (12 मार्च) के मौके पर देते हुए कहा कि किडनी को बचाने के लिए शुगर और ब्लड प्रेशर (बीपी) पर विशेष ध्यान रखना चाहिए।
उन्होंने बताया कि अनियंत्रित उच्च रक्तचाप के 95 प्रतिशत मामलों में गुर्दा खराब होने का खतरा होता है। दिल के डॉक्टर रक्तचाप को नियंत्रित कर देते हैं, लेकिन गुर्दे की तरफ उनका ध्यान नहीं जाता। बीपी की दवा 10 से 15 साल लेने वालों में लगभग 15 प्रतिशत का गुर्दा प्रभावित हो सकता है। इसलिए उच्च रक्तचाप के मरीजों को भी समय-समय पर पेशाब की जांच करानी चाहिए।
10 फीसदी लोगों का गुर्दा जवाब देने को तैयार
अगर आप समझ रहे हैं कि आप गुर्दे की परेशानी से दूर हैं तो संभल जाइए। संजय गांधी पीजीआई के नेफ्रोलॉजी विभाग के प्रो. नारायण प्रसाद के मुताबिक 10 प्रतिशत लोगों का गुर्दा जवाब देने की कगार पर है। राजधानी के आस-पास के इलाकों से एक हजार से अधिक लोगों के रक्त एवं पेशाब का नमूना लेकर परीक्षण किया तो पता चला कि 10 प्रतिशत लोग शुरुआती किडनी डिजीज की चपेट में हैं।
एंटीऑक्सीडेंट कारगर
मेदांता के गुर्दा रोग विशेषज्ञ प्रो. धर्मेंद्र भदौरिया ने बताया कि फ्री-रेडिकल अधिक बनने पर एंडोथेलियल सेल को क्षतिग्रस्त कर देते हैं, जिससे रक्तवाहिकाओं में सिकुड़न आने लगती है। एंटीऑक्सीडेंट के सेवन से फ्री-रेडिकल बनने से रोका जा सकता है।
तीस वर्ष से पहले हो बीपी तो सावधान
तीस साल से कम उम्र के लोगों में यदि बीपी बढ़ रहा है तो किडनी की जांच जरूर कराएं। संजय गांधी पीजीआई के गुर्दा रोग विशेषज्ञ प्रो. नारायण प्रसाद कहते हैं कि 30 साल से कम उम्र में बीपी बढ़ने का कारण 80 प्रतिशत लोगों में किडनी की परेशानी होती है।
इसका भी रखें ध्यान
दवा देने के बाद भी हीमोग्लोबिन न बढ़ रहा हो।
शरीर में सूजन हो और पेशाब बहुत अधिक या कम हो रहा हो।
पेशाब में खून आ रहा हो।
उच्च रक्तचाप है तो यह गुर्दे खराबी के लक्षण हो सकते हैं।
गुर्दे की खराबी का पता शुरुआती दौर में माइक्रोएल्बुमिन यूरिया परीक्षण से लग जाता है।
ताकि न खराब हो किडनी
किडनी को बचाने के लिए शुगर, ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखें।
कम नमक का डाइट चार्ट रखें।
दर्द निवारक दवाओं का इस्तेमाल कम करें।
फल व हरी सब्जी का सेवन करें।

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