पीजीआइ एपेक्स ट्रामा सेंटर के वन-स्टॉप शोल्डर क्लिनिक
हर मंगलवार लगती है ओपीडी
एमआरआई और स्टेरॉयड की जरूरत कम
लखनऊ। फ्रोजन शोल्डर से जूझ रहे मरीजों के लिए संजय गांधी पीजीआइ के एपेक्स ट्रॉमा सेंटर में संचालित वन-स्टॉप शोल्डर क्लिनिक राहत बन रहा है। फिजिकल मेडिसिन एवं रिहैबिलिटेशन विभाग द्वारा हर मंगलवार चलने वाले इस क्लिनिक ने पिछले 12 महीनों में 175 मरीजों का सफल उपचार किया है।
यहां पॉइंट-ऑफ-केयर अल्ट्रासाउंड से जांच, अल्ट्रासाउंड-गाइडेड मिनिमली इनवेसिव प्रक्रिया और स्ट्रक्चर्ड रिहैबिलिटेशन एक ही छत के नीचे उपलब्ध है। इससे अधिकांश मरीजों में एमआई की आवश्यकता नहीं पड़ती, जिससे लागत और देरी दोनों कम होती है। स्टेरॉयड का उपयोग सीमित और जरूरी होने पर ही किया जाता है, जो डायबिटीज मरीजों के लिए सुरक्षित है।
एडिशनल प्रोफेसर डॉ. सिद्धार्थ राय ने बताया कि सटीक जांच और लक्षित उपचार से कुछ ही हफ्तों में दर्द और मूवमेंट में सुधार मिल रहा है। एपेक्स ट्रॉमा सेंटर प्रमुख प्रो. अरुण के. श्रीवास्तव और निदेशक प्रो. आर.के. धीमान ने कहा कि यह एकीकृत मॉडल मरीजों की सुविधा और सिस्टम की दक्षता दोनों बढ़ाता है।

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