शनिवार, 20 जून 2026

राज योग ध्यान से सर्जरी और सर्जरी के बाद मिलता है होता है फायदा

 



राज योग ध्यान से सर्जरी और सर्जरी के बाद मिलता है होता है फायदा ब्रेस्ट कैंसर सर्जरी से पहले राजयोग ध्यान से घटा तनाव, रिकवरी में भी मिला फायदा शोध में सामने आए सकारात्मक नतीजे


 


 लखनऊ। ब्रेस्ट कैंसर की सर्जरी से पहले राजयोग ध्यान (मेडिटेशन) कराने से मरीजों में मानसिक तनाव, घबराहट और तनाव बढ़ाने वाले हार्मोन कॉर्टिसोल का स्तर कम हो सकता है। केजीएमयू और कल्याण सिंह सुपर स्पेशियलिटी कैंसर इंस्टीट्यूट के संयुक्त अध्ययन में यह बात सामने आई है। शोधकर्ताओं के अनुसार, राजयोग ध्यान करने वाले मरीजों में सर्जरी के बाद हार्ट रेट, ब्लड प्रेशर, सांस लेने की गति और मानसिक चिंता में भी स्पष्ट कमी देखी गई। इससे संकेत मिलता है कि यह तरीका सर्जरी के दौरान और उसके बाद मरीजों की रिकवरी को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है। अध्ययन में ब्रेस्ट कैंसर से पीड़ित 60 महिला मरीजों को दो समूहों में बांटा गया। एक समूह को सर्जरी से पहले राजयोग ध्यान कराया गया, जबकि दूसरे समूह को सामान्य देखभाल दी गई। दोनों समूहों में सर्जरी से पहले और ऑपरेशन के दूसरे दिन चिंता का स्तर, हृदय गति, रक्तचाप, सांस लेने की दर और रक्त में मौजूद तनाव हार्मोन कॉर्टिसोल की जांच की गई। शुरुआत में दोनों समूहों की स्थिति लगभग समान थी, लेकिन सर्जरी के बाद राजयोग ध्यान करने वाले मरीजों में सभी मानकों में बेहतर परिणाम देखने को मिले। शोधकर्ताओं का कहना है कि राजयोग ध्यान एक सुरक्षित, सरल और बिना दवा वाला तरीका है, जिसे अस्पतालों में सहायक उपचार के रूप में अपनाया जा सकता है। इससे मरीजों का मानसिक तनाव कम होने के साथ सर्जरी के अनुभव को भी बेहतर बनाया जा सकता है। 


इन विशेषज्ञों ने किया शोध 


यह अध्ययन कल्याण सिंह सुपर स्पेशियलिटी कैंसर इंस्टीट्यूट के एनेस्थीसियोलॉजी विभाग की डा. पी. श्रीलक्ष्मी, केजीएमयू के एनेस्थीसिया विभाग से डा. नेहा महेश्वरी, डा. नील कमल मिश्रा और एनेस्थीसियोलॉजी एवं क्रिटिकल केयर विभाग की डा. रजनी गुप्ता  जनरल सर्जरी विभाग के डा. जितेंद्र कुशवाहा और डा. गीतिका नंदा, एंडोक्राइन सर्जरी विभाग की डा. पूजा रमाकांत तथा पैथोलॉजी विभाग के डा. वाहिद अली भी इस शोध में शामिल रहे। शोध को अप्रैल 2026 में प्रकाशित होने वाले इंटरनेशनल जर्नल ऑफ योगा ने स्वीकार किया है। 


बॉक्स: पांच मिनट का आसान राजयोग अभ्यास शांत जगह पर बैठें और मोबाइल दूर रख दें। एक मिनट तक सामान्य और गहरी सांस लें। मन में दोहराएं, “मैं शांत हूं, मैं सकारात्मक ऊर्जा से भरा हूं।” एक से दो मिनट तक शांति और सुकून की कल्पना करें। अंत में गहरी सांस लेकर धीरे-धीरे आंखें खोलें। : रोज सिर्फ पांच मिनट का अभ्यास भी फायदेमंद हो सकता है। हालांकि यह चिकित्सा उपचार का विकल्प नहीं है, बल्कि डॉक्टरों के इलाज के साथ सहायक तरीके के रूप में अपनाया जाना चाहिए।

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