लखनऊ के खुले ठेलों के खाने में खतरनाक बैक्टीरिया
81% विक्रेता बुनियादी स्वच्छता नियमों से अनजान
94% को चाकू और कटिंग बोर्ड से संक्रमण का नहीं था ज्ञान
कुमार संजय
लखनऊ। सड़क किनारे खुले ठेलों पर बिकने वाले स्ट्रीट फूड में खतरनाक बैक्टीरिया का स्तर चिंताजनक रूप से अधिक पाया गया है। वैज्ञानिक अध्ययन में कुछ खाद्य नमूनों में बैक्टीरिया की संख्या 2.7 अरब प्रति ग्राम तक दर्ज की गई, जो खाद्य सुरक्षा की दृष्टि से बेहद गंभीर स्थिति मानी जाती है। शोध में यह भी सामने आया कि 81 प्रतिशत स्ट्रीट फूड विक्रेता हाथ धोने, दस्ताने पहनने, नाखूनों की सफाई, साफ तौलिया इस्तेमाल करने और सिर ढकने जैसी बुनियादी स्वच्छता प्रक्रियाओं के प्रति जागरूक नहीं हैं, जबकि 94 प्रतिशत विक्रेताओं को यह जानकारी नहीं थी कि गंदे चाकू और कटिंग बोर्ड भी भोजन को खतरनाक रूप से दूषित कर सकते हैं।
बाबासाहेब भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय (बीबीएयू), लखनऊ के स्कूल फॉर होम साइंसेज के खाद्य एवं पोषण विभाग की शोधार्थी रुचि वर्मा Ruchi Verma और विभाग की प्रोफेसर सुनीता मिश्रा के निर्देशन में किए गए अध्ययन में यह सामने आए हैं। इटालियन जर्नल ऑफ फूड सेफ्टी ने स्वीकार कर लियाभाई।
शोध के दौरान लखनऊ शहर के चार अलग-अलग क्षेत्रों से खुले ठेलों और बंद दुकानों से समान प्रकार के छह-छह स्ट्रीट फूड नमूने एकत्र किए गए। प्रयोगशाला परीक्षण में पाया गया कि खुले ठेलों से लिए गए खाद्य पदार्थों में रोग पैदा करने वाले बैक्टीरिया का स्तर 6.11 से 9.44 लॉग सीएफयू प्रति ग्राम तक था। वैज्ञानिकों के अनुसार 9.44 लॉग सीएफयू प्रति ग्राम का स्तर लगभग 2.7 अरब बैक्टीरिया प्रति ग्राम के बराबर होता है, जो अत्यंत खराब सूक्ष्मजीवीय गुणवत्ता को दर्शाता है।
अध्ययन में यह भी पाया गया कि खुले वातावरण में भोजन तैयार करने और बेचने के कारण खाद्य पदार्थ धूल, प्रदूषण, मक्खियों और अन्य बाहरी स्रोतों से आसानी से दूषित हो जाते हैं। इसके विपरीत बंद दुकानों से लिए गए खाद्य नमूने अपेक्षाकृत अधिक सुरक्षित और स्वच्छ पाए गए।
120 स्ट्रीट फूड विक्रेताओं पर किए गए सर्वेक्षण में यह भी सामने आया कि अधिकांश विक्रेता व्यक्तिगत स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन नहीं कर रहे हैं। कई विक्रेता बिना हाथ धोए भोजन तैयार कर रहे थे और खाद्य सामग्री को सुरक्षित ढंग से संभालने के प्रति भी पर्याप्त जागरूकता नहीं दिखी।
बन सकता है कारण
स्ट्रीट फूड शहरी आबादी के लिए सस्ता और लोकप्रिय विकल्प है, लेकिन स्वच्छता की अनदेखी फूड पॉइजनिंग, दस्त, उल्टी और अन्य खाद्य जनित बीमारियों का कारण बन सकती है।
जरूरत
स्ट्रीट फूड विक्रेताओं के लिए नियमित प्रशिक्षण कार्यक्रम, खाद्य सुरक्षा जागरूकता अभियान और सख्त निगरानी व्यवस्था की आवश्यकता पर बल दिया है।
शोधकर्ताओं के अनुसार यदि स्वच्छता मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाए तो स्ट्रीट फूड की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार लाया जा सकता है और उपभोक्ताओं को सुरक्षित भोजन उपलब्ध कराया जा सकता है।

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