फैकल्टी क्लब के 40 दिवसीय समर कैंप का रंगारंग समापन, बच्चों ने दी शानदार प्रस्तुतियां
संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान (एसजीपीजीआई) के फैकल्टी क्लब द्वारा आयोजित 40 दिवसीय समर कैंप का भव्य समापन शनिवार को श्रुति ऑडिटोरियम में उत्साह और उमंग के साथ हुआ। 100 से अधिक बच्चों की भागीदारी वाले इस शिविर के समापन समारोह में रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने सभी का मन मोह लिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ संस्थान के निदेशक डॉ. आर. के. धीमन एवं अन्य गणमान्य अतिथियों तथा फैकल्टी क्लब की कार्यकारिणी के सदस्यों ने दीप प्रज्ज्वलित कर एवं गणेश वंदना के साथ किया।
समर कैंप के दौरान बच्चों को योग, कथक, संगीत, नाटक, बॉलीवुड डांस, कैलीग्राफी, गिटार, पाक कला और क्राफ्ट का प्रशिक्षण दिया गया। समापन समारोह में बच्चों ने इन सभी विधाओं में अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। कथक की छात्राओं ने तीन ताल पर आधारित मनमोहक प्रस्तुति दी, जबकि गिटार पर प्रस्तुत धुन ने दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं।
बच्चों ने "एक दिन मोबाइल बिन" और "एक दिन की छुट्टी" नाटकों के माध्यम से सप्ताह में एक दिन मोबाइल से दूर रहने और अधिक से अधिक पेड़ लगाने का संदेश दिया। उन्होंने सभी उपस्थित लोगों को यह संकल्प भी दिलाया कि सप्ताह में कम से कम एक दिन मोबाइल का उपयोग नहीं करेंगे और वह समय अपने परिवार के साथ बिताएंगे।
समारोह के अंत में सभी प्रतिभागियों को पुरस्कार एवं प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया।
समर कैंप का संचालन प्रशिक्षकों संजय त्रिपाठी, आदित्य लिपटन, योगाचार्य अनूप, अनामिका मिश्रा, नैना श्रीवास्तव, दीपक, आयशा, अनुपमा श्रीवास्तव, खुशबू कक्कड़ और ऋषभ के नेतृत्व में किया गया।
समारोह में सानवी, आइज़ा, अनाईशा, अश्विका, वामिका, अनुषा, इवान, इरव, समृद्धि, काशवी, आरना, तनिष्का, रुद्रांशी, ईशानवी, अनन्या, अद्विक, अमितव, अर्नब, अद्वित, पटेल, अक्षत, इशिता, नंदिनी, अवंतिका, अद्विता, वेदांत, मुग्धा, अनय, ईशान, मिहिका, दिविता, रुशांक, उर्जित, आदित्री, जिज्ञासा, वारुष और विहान सहित अनेक बच्चों ने अपनी आकर्षक प्रस्तुतियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
कार्यक्रम का संचालन प्रणव सिंह, आरुष केशरी, अनन्या एवं इस्साम जफर ने प्रभावशाली ढंग से किया। अंत में फैकल्टी क्लब की टीम ने सभी अभिभावकों, प्रशिक्षकों, सहयोगियों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि बच्चों की प्रतिभा को निखारने के लिए भविष्य में भी ऐसे रचनात्मक कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहेंगे।

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