मंगलवार, 9 जून 2026

एडवांस स्टेज के थायराइड कैंसर के मरीजों के लिए कंबीनेशन थिरेपी उम्मीद की किरण

 




पीजीआइ – एडवांस स्टेज के थायराइड कैंसर के मरीजों के लिए कंबीनेशन थिरेपी उम्मीद की किरण


रेडियो आयोडीन के साथ लेनवाटिनिब देने पर मिले बेहतर नतीजे


ट्यूमर मार्कर थायरोग्लोबुलीन में आयी कमी


कुमार संजय


लखनऊ। थायरॉयड कैंसर जब फेफड़ों, हड्डियों या शरीर के अन्य हिस्सों तक फैल जाता है तो उसका इलाज चुनौतीपूर्ण हो जाता है। ऐसे मरीजों के लिए संजय गांधी पीजीआइ के वैज्ञानिकों का नया शोध उम्मीद की किरण लेकर आया है। अध्ययन में पाया गया है कि रेडियो आयोडीन थेरेपी के साथ कैंसर रोधी रसायन लेनवाटिनिब देने से बीमारी पर बेहतर नियंत्रण संभव हो सकता है। इलाज के बाद मरीजों में कैंसर की सक्रियता बताने वाले प्रमुख ट्यूमर मार्कर थायरोग्लोबुलीन के स्तर में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई। शोध विज्ञानियों ने थायराइड कैंसर के 15 मरीजों कैंसर के ऐसे मरीजों पर शोध किया जिनके  शरीर के अन्य अंगों तक फैल चुका था। 80 प्रतिशत मरीजों में कैंसर फेफड़ों तक पहुंच चुका था, जबकि 66 प्रतिशत मरीजों में हड्डियों में भी बीमारी फैल चुकी थी। पहले तीन महीने तक लेनवाटिनिब और थायरॉक्सिन सप्रेशन थेरेपी दी गई। इसके बाद लेनवाटिनिब को अस्थायी रूप से बंद कर रेडियो आयोडीन थेरेपी दी गई और उपचार के प्रभाव का मूल्यांकन किया गया। देखा गया कि ट्यूमर मार्कर थायरोग्लोबुलीन में इलाज से पहले मरीजों में औसत स्तर 45,800.8 नैनोग्राम प्रति मिलीलीटर था, जो उपचार के बाद घटकर 10,672.5 नैनोग्राम प्रति मिलीलीटर रह गया। रेडियो आयोडीन और लेनवाटिनिब का संयुक्त उपचार अधिकांश मरीजों में सहन करने योग्य रहा। शुरुआती परिणाम उत्साहजनक हैं और संकेत देते हैं कि यह रणनीति भविष्य में फैल चुके थायरॉयड कैंसर के इलाज का एक प्रभावी विकल्प बन सकती है। हालांकि शोधकर्ताओं ने कहा है कि बड़े स्तर पर और शोध की आवश्यकता होगी।


शोध में शामिल वैज्ञानिक


न्यूक्लियर मेडिसिन विभाग के डा. सिद्धार्थ शर्मा  डा.  आफताब हसन नज़र, डा. मनीष ओरा, डॉ. अमिताभ आर्य, डॉ. सुकांत बराई, विभाग के प्रमुख प्रो. प्रसांत कुमार प्रधान और डॉ. संजय गम्भीर और बॉयोस्टैटिसटिक्स एंड हेल्थ इंफॉर्मेटिक्स विभाग के प्रो. डॉ. प्रभाकर मिश्रा शामिल रहे। अंतरराष्ट्रीय जर्नल न्यूक्लियर मेडिसिन कम्युनिकेशंस ने स्वीकार किया है।


क्या है थायरॉयड कैंसर


थायरॉयड कैंसर गर्दन में स्थित थायरॉयड ग्रंथि में विकसित होने वाला कैंसर है। अधिकांश मामलों में इसका इलाज सफल रहता है, लेकिन जब बीमारी शरीर के अन्य अंगों तक फैल जाती है तो उपचार जटिल हो जाता है।



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