पीजीआई - साइकिल से गिरने पर अग्न्याशय में गंभीर चोट, 10 वर्षीय बच्चे को बचाया
ग्रेड-चार की चोट के बाद जटिल सर्जरी, 24 घंटे वेंटिलेटर पर रहा बच्चा; 19 दिन बाद स्वस्थ होकर घर लौटा
लखनऊ, 25 अगस्त। साइकिल से गिरने के बाद अग्न्याशय में गंभीर चोट से जूझ रहे 10 वर्षीय बच्चे की एसजीपीजीआईएमएस के एपेक्स ट्रॉमा सेंटर में सफल सर्जरी की गई। जौनपुर के ग्राम जंगीपुर खुर्द निवासी मोहम्मद नदीम छह अगस्त को साइकिल से गिर गया था। हादसे में उसके पेट में गंभीर चोट आई। स्थानीय अस्पताल में चार दिन उपचार के बाद उसे 10 अगस्त को एसजीपीजीआईएमएस ट्रॉमा सेंटर रेफर किया गया।
जांच में बच्चे के अग्न्याशय में ग्रेड-चार की गंभीर चोट पाई गई। पेट में करीब एक लीटर अग्न्याशयी द्रव जमा था। स्थिति को देखते हुए 11 अगस्त को डिस्टल पैंक्रियाटिको-स्प्लेनेक्टॉमी की गई। ट्रॉमा सर्जरी के प्रो. अमित कुमार सिंह, एडिशनल चीफ एवं ट्रॉमा सर्जन और डा. आदित्य सिंह, सीनियर रेजिडेंट ने यह जटिल सर्जरी की।
ऑपरेशन के बाद बच्चे को करीब 24 घंटे मैकेनिकल वेंटिलेशन पर रखा गया। इसके बाद उसकी स्थिति में लगातार सुधार हुआ और उसे सफलतापूर्वक वेंटिलेटर से हटा लिया गया। ट्रॉमा सर्जरी, एनेस्थीसिया और क्रिटिकल केयर की बहु-विषयक टीम ने बच्चे की निगरानी और उपचार किया। एनेस्थीसिया टीम में डा. रफत शमीम, डा. गणपत प्रसाद और डा. दीक्षा शामिल रहीं।
लगातार उपचार और निगरानी के बाद बच्चे की हालत पूरी तरह स्थिर हो गई। उसे 25 अगस्त को स्वस्थ अवस्था में अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
एसजीपीजीआईएमएस निदेशक ने प्रो. अमित कुमार सिंह सहित ट्रॉमा सर्जरी, एनेस्थीसिया और क्रिटिकल केयर की पूरी टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह जटिल बाल ट्रॉमा के उपचार में विशेषज्ञता और बेहतर आपसी समन्वय का उदाहरण है। उन्होंने गंभीर चोटों में समय पर विशेषज्ञ ट्रॉमा सेंटर पहुंचाने को बेहद महत्वपूर्ण बताया।


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