शनिवार, 29 अगस्त 2026

गोलियां पेट को चीरकर आर-पार हुईं, पीजीआइ की टीम ने बचाई युवक की जान

 

गोलियां पेट को चीरकर आर-पार हुईं, पीजीआइ की टीम ने बचाई युवक की जान



लखनऊ


 भूमि विवाद में गोली लगने से गंभीर रूप से घायल गोंडा के अभय पांडेय की जान पीजीआई के एपेक्स ट्रॉमा सेंटर के डॉक्टरों ने बचा ली। गोलियां उनके पेट, छोटी आंत के शुरुआती हिस्से (डुओडेनम) और बड़ी आंत के एक हिस्से (सीकम) को चीरते हुए लगी थीं। पेट में करीब एक लीटर खून जमा हो गया था। डाक्टरों ने समय पर ऑपरेशन कर उनकी हालत संभाली। करीब दो सप्ताह के इलाज के बाद अभय को 25 अगस्त को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।

गोंडा निवासी अभय पांडेय, पुत्र राज कुमार पांडेय, को नौ अगस्त को नवाबगंज के पास खरगूपुर गांव में कथित तौर पर भूमि विवाद के चलते गोली मार दी गई थी। हालत गंभीर होने पर उन्हें पीजीआई के एपेक्स ट्रॉमा सेंटर लाया गया।

 जांच के बाद 11 अगस्त को उनकी सर्जरी की। ऑपरेशन के दौरान पेट में करीब एक लीटर खून मिला। गोलियों से पेट के अंदर कई जगह गंभीर चोटें आई थीं। ट्रॉमा टीम ने क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत कर रक्तस्राव को नियंत्रित किया।

ऑपरेशन के बाद अभय को गहन निगरानी में रखा गया। ट्रॉमा सर्जरी, एनेस्थीसिया और आईसीयू की टीम ने मिलकर उनकी देखभाल की। धीरे-धीरे उनकी हालत में सुधार हुआ और 25 अगस्त को उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।

ऑपरेशन करने वाली टीम में 

एडिशनल चीफ एवं ट्रॉमा सर्जन प्रो. अमित कुमार सिंह, , डा. वरुण गुप्ता और डा. आदित्य सिंह शामिल रहे। एनेस्थीसिया टीम में डा. गणपत प्रसाद, डा. प्रतीक सिंह बैस, डा. दीक्षा, डा. निखिल और डा. नबील रहे। ओटी टेक्नीशियन अमित यादव और आईसीयू टीम के ओम प्रकाश, मयंक बंसल, राहुल कुमार, दिव्यांशी और पायल नेगी ने भी इलाज में सहयोग किया।

निदेशक प्रोफेसर आरके धीमान ने पूरी टीम को बधाई दी। उन्होंने गंभीर पेट की चोट के इस मामले में ट्रॉमा सर्जरी, एनेस्थीसिया, ओटी और आईसीयू टीम के बेहतर तालमेल की सराहना की।

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें