पीजीआई के सहयोग से एसएन मेडिकल कॉलेज आगरा में पहली बार किडनी ट्रांसप्लांट, पत्नी ने पति को दी नई जिंदगी
। संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान (एसजीपीजीआई), लखनऊ के नेफ्रोलॉजी और यूरोलॉजी विभाग के लगातार प्रयासों से प्रदेश के दूसरे मेडिकल कॉलेजों में किडनी ट्रांसप्लांट की सुविधा शुरू करने की पहल रंग लाई है। इसी क्रम में एसजीपीजीआई के सहयोग और विशेषज्ञ मार्गदर्शन में सरोजिनी नायडू मेडिकल कॉलेज (एसएनएमसी), आगरा में पहली बार सफल किडनी प्रत्यारोपण किया गया। क्रॉनिक किडनी डिजीज से पीड़ित 32 वर्षीय मरीज को उसकी पत्नी ने अपनी किडनी दान कर नई जिंदगी दी।
लंबे समय से डायलिसिस पर चल रहे मरीज का प्रत्यारोपण 22 अगस्त को एसजीपीजीआई लखनऊ और एसएनएमसी आगरा की संयुक्त टीम ने किया। ऑपरेशन सुबह 9:30 बजे शुरू हुआ और दोपहर तीन बजे तक चला। मुख्यमंत्री असाध्य रोग उपचार योजना के तहत मिली आर्थिक सहायता से यह जटिल और जीवनरक्षक प्रत्यारोपण संभव हो सका।
प्रत्यारोपण के बाद मरीज और उसकी पत्नी, जो किडनी दानकर्ता हैं, दोनों की स्थिति स्थिर है। प्रत्यारोपित किडनी ने काम करना शुरू कर दिया है और दोनों तेजी से रिकवर कर रहे हैं।
एसजीपीजीआई के नेफ्रोलॉजी विभागाध्यक्ष प्रोफेसर नारायण प्रसाद प्रदेश के अन्य सरकारी मेडिकल कॉलेजों में किडनी ट्रांसप्लांट की सुविधा विकसित करने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। उनके मार्गदर्शन में एसएनएमसी आगरा में ट्रांसप्लांट की आवश्यक तैयारियां कराई गईं। इसके बाद एसजीपीजीआई की विशेषज्ञ टीम ने स्थानीय चिकित्सकों के साथ मिलकर पहला प्रत्यारोपण सफल कराया।
एसएनएमसी के प्रधानाचार्य एवं डीन डा. प्रशांत गुप्ता और नेफ्रोलॉजी विभागाध्यक्ष प्रोफेसर डा. अपूर्व जैन ने बताया कि प्रत्यारोपण के बाद मरीज और उसकी पत्नी दोनों की हालत स्थिर है। प्रत्यारोपित किडनी ने अच्छी तरह काम करना शुरू कर दिया है।
एसजीपीजीआई लखनऊ की टीम
किडनी ट्रांसप्लांट एवं यूरोलॉजी: प्रो. एमएस अंसारी, प्रो. संजय कुमार सुरेका, डा. आशीष रंजन
नेफ्रोलॉजी: डा. मानस रंजन बेहरा
एनेस्थीसिया: डा. तपस कुमार सिंह, डा. बोनचनपल्ली मोहन कुमार
नर्सिंग: सोसाकुट्टी विल्सन, विजय कुमार, आकांक्षा गौतम
एसएनएमसी आगरा की टीम
नेफ्रोलॉजी: प्रोफेसर डा. अपूर्व जैन, डा. मुदित खुराना, डा. कैरवी भारद्वाज
यूरोलॉजी: डा. प्रशांत लवानिया, डा. अंकुश गुप्ता, डा. विजय त्यागी, डा. प्रदीप देब, डा. अभिषेक पाठक
एनेस्थीसिया: डा. योगिता द्विवेदी, डा. अर्चना अग्रवाल, डा. राजीव पुरी, डा. अतिहर्ष मोहन, डा. प्रवीण पांडेय
एसएनएमसी में किडनी ट्रांसप्लांट की सुविधा शुरू होने से आगरा और आसपास के जिलों के मरीजों को प्रत्यारोपण के लिए दिल्ली, लखनऊ या जयपुर जैसे बड़े शहरों की ओर जाने की जरूरत कम होगी। स्थानीय स्तर पर सुविधा मिलने से मरीजों का समय और आर्थिक बोझ कम होगा तथा जरूरतमंद मरीजों को समय पर उच्चस्तरीय उपचार उपलब्ध कराया जा सकेगा।


कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें