पीजीआई में नेशनल एनेस्थीसिया एंड ऑपरेशन थिएटर टेक्नोलॉजी डे पर एआई, नीडल-फ्री एनेस्थीसिया और मरीजों की सुरक्षा पर चर्चा
लखनऊ। किसी व्यक्ति की अचानक सांस रुक जाए, वह बेहोश हो जाए और शरीर में कोई हरकत न हो तो घबराने के बजाय तुरंत सही कदम उठाना उसकी जान बचा सकता है। ऐसे समय में बेसिक लाइफ सपोर्ट (बीएलएस), समय पर सीपीआर और एईडी का इस्तेमाल जीवन और मृत्यु के बीच का अंतर साबित हो सकता है। यही संदेश संजय गांधी पीजीआई में नेशनल एनेस्थीसिया एंड ऑपरेशन थिएटर टेक्नोलॉजी डे पर आयोजित कार्यक्रम में दिया गया।
कार्यक्रम में आयोजित पोस्टर प्रतियोगिता में बैचलर ऑफ ऑपरेशन थिएटर टेक्नोलॉजी के छात्र अभय कुमार उपाध्याय ने बेसिक लाइफ सपोर्ट (बीएलएस) विषय पर तैयार पोस्टर के लिए प्रथम पुरस्कार प्राप्त किया। पोस्टर में बताया गया कि कार्डियक अरेस्ट की स्थिति में सबसे पहले स्थान की सुरक्षा सुनिश्चित करें, तुरंत 112 पर सूचना दें, मरीज की सांस जांचें और सांस नहीं होने पर 30 चेस्ट कंप्रेशन और 2 रेस्क्यू ब्रीथ के साथ सीपीआर शुरू करें। एईडी उपलब्ध होने पर उसके निर्देशों के अनुसार उपयोग करें और डॉक्टरों के पहुंचने तक सीपीआर जारी रखें। प्रतियोगिता में सुजन्य सिंह को द्वितीय तथा हर्षिता सिंह को तृतीय पुरस्कार मिला।
चीफ एनेस्थीसिया टेक्नोलॉजिस्ट धीरज सिंह और चंद्रेश सिंह ने बताया कि भविष्य में नीडल-फ्री एनेस्थीसिया मरीजों के लिए बड़ी राहत साबित होगा। जेट इंजेक्टर, ट्रांसडर्मल ड्रग डिलीवरी और माइक्रोनीडल पैच जैसी तकनीकों से बिना सुई के दवा देने पर काम चल रहा है। इससे इंजेक्शन का दर्द, संक्रमण का खतरा और सुई का डर कम होगा। उन्होंने बताया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) अब एनेस्थीसिया का अहम हिस्सा बन रही है। ऑपरेशन के दौरान एआई मरीज की लगातार निगरानी, दवा की सही मात्रा तय करने और संभावित जटिलताओं की समय रहते पहचान करने में मदद करेगी।
एनेस्थीसिया विभागाध्यक्ष प्रो. सुजीत गौतम ने बताया कि संस्थान में नीडल-फ्री एनेस्थीसिया जैसी आधुनिक तकनीकों पर काम शुरू हो चुका है। प्रो. प्रतीक सिंह वैश्य ने अनुशासन, टीमवर्क और लगातार प्रशिक्षण को सफल टेक्नोलॉजिस्ट की पहचान बताया। प्रो. संदीप साहू ने कहा कि ऑपरेशन थिएटर टेक्नोलॉजिस्ट भले ही पर्दे के पीछे काम करते हों, लेकिन मरीज की सुरक्षा और हर सफल सर्जरी में उनकी भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है। कार्यक्रम में कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष धर्मेश कुमार और एलाइड हेल्थकेयर सदस्य विनय प्रताप सिंह भी मौजूद रहे।

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