एसआरएस तकनीक से होगा मस्तिष्क ट्यूमर का सटीक इलाज
रेडियोसर्जरी प्रक्रिया, बिना चीरा लगाए हाई-प्रिसिजन रेडिएशन से उपचार
लखनऊ। मैक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, लखनऊ ने कैंसर उपचार के क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। अस्पताल की रेडिएशन ऑन्कोलॉजी विभाग की विशेषज्ञ डॉ. गीता सिंह एवं उनकी टीम ने अत्याधुनिक स्टीरियोटैक्टिक रेडियोसर्जरी (एसआरएस) प्रक्रिया एक मरीज में सफलतापूर्वक संपन्न की। यह कैंसर उपचार की सबसे उन्नत और अत्यधिक सटीक रेडिएशन तकनीकों में शामिल है, जिसका उपयोग मुख्य रूप से चयनित मस्तिष्क ट्यूमर और अन्य इंट्राक्रैनियल रोगों के इलाज में किया जाता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, एसआरएस में बिना किसी चीरे के अत्यधिक सटीकता के साथ ट्यूमर पर उच्च क्षमता की रेडिएशन किरणें केंद्रित की जाती हैं। इससे आसपास के स्वस्थ ऊतकों को न्यूनतम नुकसान पहुंचता है, उपचार अधिक प्रभावी होता है और मरीज को अपेक्षाकृत कम समय में सामान्य जीवन में लौटने में मदद मिलती है। यह तकनीक जटिल मामलों में भी सुरक्षित और प्रभावी उपचार का विकल्प मानी जाती है।
यह उपलब्धि अस्पताल के वरिष्ठ विशेषज्ञ डॉ. साकेत पांडेय के कुशल मार्गदर्शन एवं नेतृत्व में संभव हुई। रेडिएशन ऑन्कोलॉजी टीम की विशेषज्ञता, सूक्ष्म उपचार योजना और उत्कृष्ट समन्वय ने इस जटिल प्रक्रिया को सफल बनाया।
डॉ. गीता सिंह ने कहा कि उनका उद्देश्य लखनऊ और आसपास के मरीजों को विश्वस्तरीय, आधुनिक और सटीक कैंसर उपचार अपने ही शहर में उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक मरीज के लिए सही उपचार, संवेदनशील देखभाल और वैज्ञानिक दृष्टिकोण उनकी टीम की प्राथमिकता है।
मैक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल के प्रबंधक परमीत ने कहा कि अस्पताल आधुनिक तकनीक और अनुभवी विशेषज्ञों के माध्यम से मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि एसआरएस जैसी अत्याधुनिक तकनीक की उपलब्धता से अब प्रदेश के मरीजों को उन्नत कैंसर उपचार के लिए दूसरे महानगरों का रुख नहीं करना पड़ेगा।

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