गुरुवार, 30 जुलाई 2026

पीजीआई में निकला अंडाशय का ट्यूमर और 35 वर्षीय युवती में बचाई प्रजनन क्षमता







 पेट फूलने की वजह निकला अंडाशय का विशाल ट्यूमर


35 वर्षीय युवती  में सफल सर्जरी कर बचाई प्रजनन क्षमता 



अंडाशय में 29 सेंटीमीटर का ट्यूमर और ट्यूमर के अंदर से निकला 7.5 लीटर तरल पदार्थ




पेट फूलना, भारीपन और सांस लेने में तकलीफ को सामान्य समस्या समझ रही प्रयागराज कि रहने वाली 35 वर्षीय एक अविवाहित युवती के पेट में 29 सेंटीमीटर का विशाल अंडाशय ट्यूमर विकसित हो चुका था। संजय गांधी पीजीआइ के डाक्टरों ने जटिल सर्जरी कर न केवल ट्यूमर को सफलतापूर्वक निकाल दिया, बल्कि मरीज की भविष्य की प्रजनन क्षमता को ध्यान में रखते हुए उसका गर्भाशय और स्वस्थ दाहिना अंडाशय भी सुरक्षित रखा। ट्यूमर के भीतर से करीब 7.5 लीटर तरल पदार्थ निकाला गया।

कई महीनों से युवती को पेट फूलने, पेट में भारीपन और सांस लेने में कठिनाई हो रही थी। जब परेशानी बढ़ी तो वह पीजीआइ पहुंची। जांच में पता चला कि उसके बाएं अंडाशय में 28.7×20.4×15.8 सेंटीमीटर का विशाल ट्यूमर बन गया है। इसका आकार लगभग 9 महीने की गर्भावस्था जितना था। ट्यूमर इतना बड़ा हो चुका था कि वह मूत्राशय और आंतों पर दबाव डाल रहा था, जिससे चलने-फिरने और सामान्य काम करने में भी दिक्कत होने लगी थी।


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ऑपरेशन के दौरान बदली उपचार की दिशा



सर्जरी के दौरान डॉक्टरों को दाहिने अंडाशय में भी 6.5×3.8×6.5 सेंटीमीटर की एक सिस्ट मिली। ऑपरेशन के बीच ही ट्यूमर का फ्रोजन सेक्शन परीक्षण कराया गया। रिपोर्ट में ट्यूमर सौम्य (बेनाइन) निकला। इसके बाद डॉक्टरों ने केवल प्रभावित बाएं अंडाशय का ट्यूमर हटाया और दाहिना अंडाशय तथा गर्भाशय सुरक्षित रखने का फैसला किया। इससे भविष्य में मरीज के मां बनने की संभावना बरकरार रही।


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विशेषज्ञों की टीम ने निभाई अहम भूमिका



इस जटिल सर्जरी का नेतृत्व सामान्य अस्पताल की स्त्री रोग विशेषज्ञ डा. निधि सिंह ने किया। टीम में डा. अंजू रानी, डा. मोनिका और डा. शिखा शामिल रहीं। एनेस्थीसिया की जिम्मेदारी डा. निधि ने संभाली। पैथोलॉजी जांच में डा. ऋतु वर्मा और डा. राम नवल राव का महत्वपूर्ण योगदान रहा। नर्सिंग टीम में दिव्या, सोनाली, वंदना और बीरभान वर्मा शामिल रहे।


लक्षणों को हल्के में न लें



डा. निधि सिंह ने बताया कि अंडाशय के ट्यूमर शुरुआती अवस्था में अक्सर कोई स्पष्ट लक्षण नहीं देते और धीरे-धीरे काफी बड़े हो सकते हैं। लगातार पेट फूलना, पेट में असामान्य भारीपन, जल्दी पेट भरना, पेट का लगातार बढ़ना, पेशाब या मल त्याग में परेशानी तथा सांस लेने में कठिनाई जैसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ऐसे लक्षण लगातार बने रहने पर तुरंत विशेषज्ञ चिकित्सक से परामर्श लेकर जांच करानी चाहिए।


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मां बनने की संभावना भी बचाई

इस सर्जरी की सबसे बड़ी सफलता केवल 29 सेंटीमीटर का विशाल ट्यूमर निकालना नहीं रही, बल्कि डॉक्टरों ने मरीज की उम्र और भविष्य को ध्यान में रखते हुए उसका गर्भाशय और स्वस्थ दाहिना अंडाशय सुरक्षित रखा। इससे मरीज की भविष्य में प्राकृतिक रूप से मां बनने की संभावना बनी हुई है।

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