शुक्रवार, 29 मई 2026

पीजीआई में पहली बार मोटापा और बार-बार होने वाले हर्निया का एक साथ सफल ऑपरेशन

 






पीजीआई में पहली बार मोटापा और बार-बार होने वाले हर्निया का एक साथ सफल ऑपरेशन

कई गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को मिली राहत


 गोंडा जिले की 42 वर्षीय रानी जैन का वजन 135 किलोग्राम था। हर्निया, डायबिटीज और अस्थमा की परेशानी के कारण उनका जीवन बेहद कठिन हो गया था। चलने-फिरने में दिक्कत के साथ वह सामाजिक परेशानियों का भी सामना कर रही थीं। अब उनकी जिंदगी सामान्य होने लगी है। यह संभव हुआ बैरियाट्रिक और हर्निया की एक साथ की गई जटिल सर्जरी के जरिए।

संजय गांधी पीजीआइ में पहली बार अत्यधिक मोटापा और बार-बार होने वाले इंसिजनल हर्निया से पीड़ित तीन मरीजों की जटिल बैरियाट्रिक सर्जरी और हर्निया ऑपरेशन एक साथ सफलतापूर्वक किए गए। डॉक्टरों के मुताबिक ऐसे मरीजों की सर्जरी बेहद जोखिमपूर्ण मानी जाती है, क्योंकि मोटापे के साथ डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, सांस संबंधी बीमारियां और कमजोर मांसपेशियां ऑपरेशन को चुनौतीपूर्ण बना देती हैं।

गैस्ट्रो सर्जरी विभाग के प्रो. अशोक कुमार के मुताबिक र सर्जरी के 21 दिनों में उनका लगभग 18 किलोग्राम वजन कम हुआ। इसी तरह

आजमगढ़ निवासी 34 वर्षीय किरन पांडेय के हर्निया के पहले ही दो ऑपरेशन हो चुके थे। उनका वजन 102 किलोग्राम था और कई अन्य परेशानियां भी थीं। सर्जरी के बाद उनका करीब 28 किलोग्राम वजन कम हुआ और हर्निया से राहत मिली।

इंदिरा नगर, लखनऊ की 40 वर्षीय रेखा पांडेय का वजन लगभग 100 किलोग्राम था। वह भी हर्निया और अन्य बीमारियों से परेशान थीं। ऑपरेशन के बाद उनका करीब 11 किलोग्राम वजन कम हुआ और स्वास्थ्य में सुधार आया।


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सर्जरी से पहले तैयारी

प्रो. अशोक कुमार ने बताया कि यह सामान्य बैरियाट्रिक सर्जरी नहीं थी, बल्कि ऐसे मरीजों का इलाज था जिनमें कई गंभीर बीमारियां और बार-बार हर्निया होने की समस्या मौजूद थी। सर्जरी से पहले मरीजों को खानपान में बदलाव, योग और नियमित व्यायाम के जरिए तैयार किया गया।

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दूसरी परेशानियों में भी कारगर है सर्जरी

डॉक्टरों के मुताबिक बैरियाट्रिक सर्जरी के जरिए केवल वजन ही कम नहीं होता, बल्कि डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, फैटी लिवर, कोलेस्ट्रॉल और स्लीप एपनिया जैसी बीमारियों को नियंत्रित करने में भी मदद मिलती है।

सर्जरी टीम

ऑपरेटिंग सर्जन : प्रो. अशोक कुमार

सहायक सर्जन : डॉ. पायल, डॉ. सौरेश, डॉ. यासिर, डॉ. सोहेल, डॉ. देवेश, डॉ. किशोर के., डॉ. अक्षत

एनेस्थीसिया टीम : डॉ. तपस, डॉ. संदीप कुबा, डॉ. सुजीत गौतम

नर्सिंग ऑफिसर : संतोष, दीपमाला, अनीता

सपोर्टिंग स्टाफ : प्रशांत, रेखा, ममता

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