एसजीपीजीआई में अंतरराष्ट्रीय नर्सिंग दिवस पर नर्सिंग अधिकारियों का सम्मान
सीएनओ मंजू सिंह बोलीं- गुणवत्ता और वैज्ञानिक सोच के दम पर पीजीआई की नर्सिंग सेवा बना रही नई पहचान
सप्ताहभर चले कार्यक्रमों में रक्तदान, खेल प्रतियोगिताएं और सम्मान समारोह का आयोजन
संजय गांधी पीजीआई में अंतरराष्ट्रीय नर्सिंग दिवस मंगलवार को उत्साह और गरिमा के साथ मनाया गया। सप्ताहभर चले कार्यक्रमों का समापन सम्मान समारोह के साथ हुआ, जिसमें संस्थान की नर्सिंग अधिकारियों को उत्कृष्ट सेवाओं के लिए मोमेंटो और प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया गया।
मुख्य नर्सिंग अधिकारी मंजू सिंह ने कहा कि एसजीपीजीआई की नर्सें बेहतर गुणवत्ता वाली मरीज सेवा और वैज्ञानिक सोच के मामले में लगातार नई ऊंचाइयों को छू रही हैं। उन्होंने कहा कि मरीज की देखभाल केवल ड्यूटी नहीं बल्कि संवेदनशील जिम्मेदारी है। नर्सिंग टीम अपने समर्पण और अनुशासन से संस्थान को देश के अग्रणी चिकित्सा संस्थानों में अलग पहचान दिला रही है।
उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में भी एसजीपीजीआई की नर्सिंग सेवा प्रगति के नए आयाम स्थापित करेगी और मरीजों की सेवा में संस्थान का नाम और ऊंचा करेगी।
समारोह में संस्थान के निदेशक, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, चिकित्सा अधीक्षक, डीन, एटीसी चीफ, कॉलेज ऑफ नर्सिंग की प्रिंसिपल डॉ. प्रेरणा कपूर तथा मुख्य अतिथि श्रीमती उषा टकरी ने नर्सिंग अधिकारियों को बधाई दी और उन्हें पुरस्कृत किया।
एक सप्ताह तक चले नर्सिंग दिवस समारोह में रक्तदान शिविर, क्रिकेट, बैडमिंटन, वॉलीबॉल, फुटबॉल, मैराथन, मटका फोड़, शतरंज समेत विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं और सांस्कृतिक गतिविधियों का आयोजन किया गया। इनमें नर्सिंग अधिकारियों ने उत्साह के साथ भाग लिया।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि एसजीपीजीआई केवल एक अस्पताल नहीं, बल्कि उत्तर भारत में जटिल बीमारियों के इलाज का प्रमुख केंद्र है। लीवर प्रत्यारोपण से लेकर न्यूरो सर्जरी तक हर चुनौतीपूर्ण उपचार में नर्सिंग अधिकारियों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण रहती है। मरीजों की चौबीसों घंटे सेवा और देखभाल ही संस्थान की सबसे बड़ी पहचान है।
फ्लोरेंस नाइटिंगेल को याद करते हुए वक्ताओं ने कहा कि नर्सिंग केवल पेशा नहीं, बल्कि मानवता की सबसे बड़ी सेवा है। यही समर्पण एसजीपीजीआई की नर्सिंग टीम को विशेष बनाता है।

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