शनिवार, 9 मई 2026

नई ओ-आर्म तकनीक से रीढ़ की सर्जरी हुई सुरक्षित

 







नई ओ-आर्म तकनीक से रीढ़ की सर्जरी हुई सुरक्षित


पीजीआई के एपेक्स ट्रॉमा सेंटर में पहली बार आधुनिक तकनीक से सफल ऑपरेशन


अब दिल्ली-मुंबई जाने की जरूरत नहीं




संजय गांधी पीजीआई  के एपेक्स ट्रॉमा सेंटर में अब रीढ़ की गंभीर चोट का इलाज और ज्यादा सुरक्षित और आधुनिक हो गया है। यहां नई ओ-आर्म तकनीक की मदद से कानपुर निवासी 32 वर्षीय युवक की सफल रीढ़ सर्जरी की गई। युवक फैक्ट्री में काम करने के दौरान गिरकर घायल हो गया था, जिससे उसकी रीढ़ की हड्डी के डी-10 हिस्से में फ्रैक्चर हो गया था। डॉक्टरों का कहना है कि इस तकनीक से ऑपरेशन ज्यादा सटीक होता है, मरीज को कम दर्द होता है और वह जल्दी ठीक हो जाता है।

एपेक्स ट्रॉमा सेंटर के प्रमुख एवं न्यूरो सर्जन प्रोफेसर अरुण कुमार श्रीवास्तव के निर्देशन में न्यूरोसर्जरी विभाग के  प्रोफेसर आशुतोष कुमार ने यह सर्जरी डॉ. पवन वर्मा, डॉ. वेद प्रकाश, डॉ. सौमेन कांजीलाल, डॉ. श्रेयश राय तथा एनेस्थीसिया विभाग से डॉ. वंश और डॉ. प्रतीक बैस सहित अन्य चिकित्सकों के सहयोग से किया।


छोटे चीरे से हुआ सफल ऑपरेशन

प्रो. आशुतोष कुमार ने बताया कि मरीज की रीढ़ की हड्डी को स्थिर करने के लिए छोटे चीरे लगाकर स्क्रू लगाए गए। इस तकनीक में शरीर को कम नुकसान पहुंचता है, खून कम बहता है और मरीज जल्दी चलने-फिरने लगता है। उन्होंने बताया कि ओ-आर्म मशीन ऑपरेशन के दौरान रीढ़ की हड्डी की साफ थ्री-डी तस्वीर तुरंत दिखाती है। इससे स्क्रू सही जगह लगाने में आसानी होती है और ऑपरेशन ज्यादा सुरक्षित हो जाता है। साथ ही मरीज और डॉक्टरों पर रेडिएशन का असर भी कम पड़ता है।


निजी अस्पतालों की तुलना में काफी कम खर्च


प्रो आशुतोष कुमार ने बताया कि संस्थान में इस पूरी सर्जरी का खर्च इम्प्लांट सहित करीब डेढ़ लाख रुपये आता है, जबकि निजी अस्पतालों में इसी तकनीक से इलाज का खर्च लगभग पांच लाख रुपये तक पहुंच सकता है। उन्होंने कहा कि इम्प्लांट की कीमत लगभग हर जगह समान होती है, लेकिन नर्सिंग केयर, दवाओं और अन्य सुविधाओं के कारण खर्च में अंतर आता है।

उन्होंने कहा कि अब उत्तर प्रदेश और आसपास के राज्यों के मरीजों को इस तरह के आधुनिक इलाज के लिए दिल्ली या मुंबई जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी, क्योंकि यह सुविधा अब एपेक्स ट्रॉमा सेंटर में उपलब्ध है।

संस्थान के निदेशक प्रोफेसर आर. के. धीमान ने इसे संस्थान के लिए बड़ी उपलब्धि बताया।



क्या है ओ-आर्म तकनीक



ओ-आर्म एक आधुनिक मशीन है, जो ऑपरेशन के दौरान शरीर के अंदर की थ्री-डी तस्वीर तुरंत दिखाती है। इससे डॉक्टर रीढ़ की हड्डी में स्क्रू और इम्प्लांट सही जगह लगा पाते हैं। इससे ऑपरेशन ज्यादा सुरक्षित होता है, मरीज को कम दर्द होता है और वह जल्दी स्वस्थ हो जाता है।

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