गुरुवार, 7 मई 2026

फैटी लिवर भी बन सकता है विटामिन डी की कमी की बड़ी वजह

 

फैटी लिवर भी बन सकता है विटामिन डी की कमी की बड़ी वजह: एसजीपीजीआई का शोध


शोध में खुलासा — खराब खानपान से लिवर कमजोर पड़ने पर शरीर विटामिन डी को सही तरीके से इस्तेमाल नहीं कर पाता, हड्डियों और शरीर पर पड़ सकता है असर



संजय गांधी पीजीआई (एसजीपीजीआई) के वैज्ञानिकों के एक नए शोध में सामने आया है कि फैटी लिवर की बीमारी केवल लिवर को ही नुकसान नहीं पहुंचाती, बल्कि यह शरीर में विटामिन डी की कमी की भी एक बड़ी वजह बन सकती है। शोधकर्ताओं के अनुसार, जब लिवर ज्यादा फैट और शुगर वाले भोजन की वजह से खराब होने लगता है, तब वह विटामिन डी को शरीर के इस्तेमाल लायक सक्रिय रूप में बदलने की क्षमता खोने लगता है।

डॉक्टरों का कहना है कि विटामिन डी शरीर के लिए बेहद जरूरी होता है। इसकी कमी से हड्डियां कमजोर होना, शरीर में दर्द रहना, जल्दी थकान महसूस होना, मांसपेशियों में कमजोरी और रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होने जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

यह अध्ययन एंडोक्रिनोलॉजी विभाग के एडीशनल प्रोफेसर डॉ. रोहित एंथनी सिन्हा के नेतृत्व में पीएचडी शोधार्थी अभिषेक यादव और उनकी टीम ने किया। शोध में इंसानी लिवर के नमूनों और पशु मॉडल का अध्ययन किया गया। इसमें पाया गया कि ज्यादा फैट वाला भोजन “साइप टू आर वन” नामक एंजाइम को कमजोर कर देता है। यही एंजाइम विटामिन डी को सक्रिय करने में अहम भूमिका निभाता है।

शोधकर्ताओं ने बताया कि “मैश” और “नैश” फैटी लिवर की गंभीर स्थिति है, जिसमें लिवर में सूजन और घाव बनने लगते हैं। समय पर ध्यान न देने पर यह सिरोसिस जैसी गंभीर बीमारी का रूप ले सकती है।

डॉ. रोहित एंथनी सिन्हा ने कहा कि यह शोध फैटी लिवर के मरीजों में अक्सर दिखाई देने वाली विटामिन डी की कमी की वजह को समझने में मदद करता है। उन्होंने कहा कि भविष्य में इससे बीमारी को बढ़ने से रोकने के नए तरीके विकसित करने में मदद मिल सकती है। यह शोध आईसीएमआर के सहयोग से संभव होपया है। 

विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि फैटी लिवर के मरीज नियमित रूप से विटामिन डी की जांच कराएं और डॉक्टर की सलाह के अनुसार खानपान और जीवनशैली में सुधार करें।

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