यूजीसी, एससी-एसटी एक्ट और जातीय आरक्षण के विरोध में बनी रणनीति
आशियाना बैठक में बड़े सम्मेलन की घोषणा, पहले चरण में प्रदेशभर के ब्राह्मणों को किया जाएगा आमंत्रित
लखनऊ। सामाजिक समरसता मंच के संयोजक दुर्गेश पांडे के आवाहन पर अखिल भारतीय चाणक्य परिषद के साथ आशियाना सेक्टर-एल में आयोजित बैठक में यूजीसी नियमों, एससी-एसटी एक्ट तथा जाति आधारित आरक्षण के विरोध को लेकर रणनीति तैयार की गई। बैठक की अध्यक्षता परिषद के अध्यक्ष पंडित कृपा निधान त्रिपाठी ने की, जिसमें सामाजिक एकता और संगठन विस्तार पर विस्तार से चर्चा हुई।
बैठक में बताया गया कि आने वाले समय में बड़े स्तर पर एक सम्मेलन आयोजित किया जाएगा, जिसमें पहले चरण में प्रदेशभर के ब्राह्मण समाज के लोगों को आमंत्रित किया जाएगा। इसके बाद दूसरे चरण में सभी सवर्ण वर्गों का एक विशाल सम्मेलन आयोजित करने की योजना बनाई गई है। आयोजकों का कहना है कि इन सम्मेलनों के माध्यम से समाज के विभिन्न वर्गों को एक मंच पर लाकर साझा रणनीति तैयार की जाएगी।
सामाजिक समरसता मंच के संयोजक दुर्गेश पांडे ने कहा कि समाज में समरसता स्थापित करने के लिए सभी हिंदुओं को संगठित करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि वर्तमान व्यवस्थाएं समाज में विभाजन पैदा कर रही हैं, जिन पर पुनर्विचार की आवश्यकता है।
पंडित कृपा निधान त्रिपाठी ने कहा कि अखिल भारतीय चाणक्य परिषद हिंदू एकता को मजबूत करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि किसी भी परिस्थिति में समाज की एकजुटता खंडित नहीं होनी चाहिए। उनके अनुसार यूजीसी कानून, एससी-एसटी एक्ट और जाति आधारित आरक्षण समाज को बांटने का कार्य कर रहे हैं।
बैठक में डॉ. राम तेज पांडे, उमाशंकर तिवारी, दद्दन मिश्रा, सोनू शुक्ला, गोपाल तिवारी, गोविंद मिश्रा, पारस पाण्डेय, उत्कर्ष, राजेश द्विवेदी, पंडित जेपी शर्मा पंडित सुरेश बाजपेई और संदीप शर्मा सहित कई लोगों ने अपने विचार व्यक्त किए। अंत में व्यापक जनजागरण अभियान चलाने और संगठन को मजबूत करने का निर्णय लिया गया।

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