3 घंटे से ज्यादा इंस्टाग्राम , बढ़ा रहा डिप्रेशन-एंग्जायटी का खतरा
डिजिटल दुनिया में घंटों स्क्रॉल करना अब आम बात हो गई है, लेकिन यही आदत युवाओं की मानसिक सेहत पर भारी पड़ रही है। हाल ही में हुए एक शोध ने चौंकाने वाले आंकड़ों के साथ बताया है कि इंस्टाग्राम का ज्यादा इस्तेमाल करने वाले युवाओं में डिप्रेशन, एंग्जायटी और स्ट्रेस तेजी से बढ़ रहा है।16 से 25 साल के 300 युवाओं पर किए गए इस अध्ययन में पाया गया कि 93 फीसदी युवा रोजाना इंस्टाग्राम इस्तेमाल करते हैं, जबकि हर 3 में से 1 युवा (32 फीसदी) रोज 3 घंटे से ज्यादा समय इस प्लेटफॉर्म पर बिताता है। देखा गया कि इंस्टाग्राम का उपयोग बढ़ने के साथ मानसिक समस्याएं भी बढ़ती हैं।हल्के उपयोगकर्ताओं की तुलना में भारी उपयोगकर्ताओं में डिप्रेशन के मामले काफी अधिक पाए गए। एंग्जायटी में भी उल्लेखनीय वृद्धि । सबसे ज्यादा असर स्ट्रेस पर दिखा । यानी, उपयोग का स्तर बढ़ते ही मानसिक दबाव भी “स्टेप-बाय-स्टेप” बढ़ता गया। सोशल मीडिया का असर सिर्फ समय पर नहीं, बल्कि “क्या देखा जा रहा है” इस पर भी निर्भर करता है। क्यों बढ़ रहा है मानसिक दबाव इंस्टाग्राम पर दिखने वाली “परफेक्ट लाइफ” अक्सर वास्तविक नहीं होती, लेकिन युवा उसे सच मान लेते हैं। इससे: -खुद की जिंदगी से असंतोष -आर्थिक और सामाजिक तुलना -लगातार बेहतर दिखने का दबाव बढ़ने लगता है। क्या करें युवा -स्क्रीन टाइम 2 घंटे के भीतर रखने की कोशिश करें -माइंडफुल स्क्रॉलिंग अपनाएं—क्या देख रहे हैं, इस पर ध्यान दें -हफ्ते में एक दिन “डिजिटल डिटॉक्स” रखें -रियल लाइफ एक्टिविटी (खेल, पढ़ाई, दोस्त) को प्राथमिकता दें किसने किया शोध: एमिटी यूनिवर्सटी पुणे और एमिटी लखनऊ से सुरभि निम्बालकर, काशिफ हसन, अरीना ज़ेड मिर्ज़ा, आशा अधिकारी ने इंस्टाग्राम उपयोग और मानसिक स्वास्थ्य (डास-21 स्केल के आधार पर) विषय पर शोध किया जिसे एनल आफ न्यूरोलॉजी ने स्वीकार किया है।

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