प्रो. यू.के. मिश्रा का निधन, पीजीआइ के न्यूरोलॉजी विभाग के “नींव के स्तंभ” नहीं रहे
ईमानदारी, सरलता और अनुशासन के लिए जाने जाते थे, कई अहम प्रशासनिक जिम्मेदारियां भी संभालीं
संजय गांधी पीजीआइ के न्यूरोलॉजिस्ट और पूर्व निदेशक रहे प्रोफेसर यूके मिश्रा का आज दिल्ली में निधन हो गया। वह इलाज के लिए दिल्ली गए थे, जहां उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन से चिकित्सा जगत और संस्था में शोक की लहर है। प्रो. मिश्रा को संस्थान में न्यूरोलॉजी विभाग की नींव रखने वाले प्रमुख चिकित्सकों में गिना जाता था। उन्होंने न केवल इस विभाग की शुरुआत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, बल्कि इसे देश के अग्रणी केंद्रों में स्थापित करने में भी योगदान दिया। उनके मार्गदर्शन में अनेक युवा डॉक्टरों ने न्यूरोलॉजी के क्षेत्र में विशेषज्ञता हासिल की। प्रो मिश्रा के सहयोगी रहे वरिष्ठ तकनीकी अधिकारी राकेश कुमार निगम वरिष्ठ तकनीकी अधिकारी एसपी सिंह ने कहा कि वह अपने सरल, ईमानदार और अनुशासित व्यक्तित्व के लिए जाने जाते थे। संस्थान में उन्हें समय-समय पर चिकित्सा अधीक्षक (एमएस) से लेकर कार्यवाहक निदेशक तक की जिम्मेदारियां सौंपी गईं, जिन्हें उन्होंने पूरी निष्ठा के साथ निभाया। प्रशासनिक कार्यों के साथ-साथ वह अधिकारियों और कर्मचारियों के समान व्यवहार करते थे । वरिष्ठ तकनीकी अधिकारी सुधीर कुमार चौरसिया ने कहा कि कोई अपनी गलती स्वीकार कर लेता, तो वह दंड देने के बजाय उसे सुधारने का अवसर देते थे—यह उनके उदार स्वभाव की पहचान थी। प्रोफेसर यूके मिश्रा की छात्रा रही प्रो रुचिका टंडन ने कहा कि न्यूरोलॉजी के क्षेत्र में प्रो. मिश्रा का शोध कार्य अत्यंत महत्वपूर्ण रहा। उन्होंने विशेष रूप से स्ट्रोक (ब्रेन अटैक), मिर्गी, न्यूरो-इन्फेक्शन (जैसे जापानी इंसेफलाइटिस) और नसों से संबंधित बीमारियों पर कई अहम अध्ययन किए। उनके शोध पत्र राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय जर्नल्स में प्रकाशित हुए, जिससे भारत में न्यूरोलॉजी के उपचार और समझ को नई दिशा मिली। प्रो. मिश्रा हमेशा मरीजों की सेवा के लिए तत्पर रहते थे और संस्थान के विकास को अपना व्यक्तिगत दायित्व मानते थे। उनके जाने से चिकित्सा क्षेत्र को अपूरणीय क्षति हुई है। प्रोफेसर मिश्रा के छात्र रहे प्रो वीके पालीवाल ने कहा कि उनका योगदान और व्यक्तित्व हमेशा प्रेरणा देता रहेगा। कर्मचारी महासंघ के पूर्व महामंत्री धर्मेश कुमार नर्सिंग स्टाफ एसोसिएशन की पूर्व अध्यक्ष सीमा शुक्ला ने बताया कि प्रोफेसर मिश्रा उत्तर प्रदेश में न्यूरोलॉजी के क्षेत्र में स्थापक और विस्तारक माने जाते हैं।प्रो मिश्रा के

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