शुक्रवार, 24 अप्रैल 2026

केएसएससीआई और आईआईटीआर के बीच विषविज्ञान अनुसंधान को लेकर समझौता


 केएसएससीआई और आईआईटीआर के बीच विषविज्ञान अनुसंधान को लेकर समझौता 


औद्योगिक व पर्यावरणीय रसायनों से होने वाली बीमारियों पर होगा  


 डायग्नोस्टिक टेस्ट विकसित करने पर फोकस




लखनऊ। कल्याण सिंह अति विशिष्ट कैंसर संस्थान और भारतीय विषविज्ञान अनुसंधान संस्थान के बीच शुक्रवार को एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एम ओ यू) पर हस्ताक्षर एवं आदान-प्रदान किया गया। यह पहल विषविज्ञान (टॉक्सिकोलॉजी) के क्षेत्र में अनुसंधान को नई दिशा देने के साथ-साथ मानव स्वास्थ्य और पर्यावरण पर रासायनिक प्रभावों के अध्ययन को मजबूत करेगी।

इस अवसर पर केएसएससीआई के निदेशक प्रो. मदन लाल ब्रह्म भट्ट तथा आईआईटीआर के निदेशक डॉ. भास्कर नारायण मौजूद रहे। दोनों संस्थानों ने औद्योगिक, कृषि और पर्यावरणीय कारकों से उत्पन्न स्वास्थ्य चुनौतियों के समाधान के लिए मिलकर काम करने पर सहमति जताई। समझौते के तहत वैज्ञानिक ज्ञान के विस्तार, नवाचार को बढ़ावा देने और सतत स्वास्थ्य पद्धतियों के विकास पर विशेष जोर दिया जाएगा। साथ ही, औद्योगिक और पर्यावरणीय रसायनों से होने वाली बीमारियों की पहचान के लिए सरल, सटीक और त्वरित जांच तकनीकों के विकास पर भी संयुक्त शोध किया जाएगा। इन तकनीकों को आम मरीजों तक पहुंचाने की दिशा में भी काम किया जाएगा।

यह समझौता सार्वजनिक स्वास्थ्य, पर्यावरण सुरक्षा और वैज्ञानिक प्रगति के प्रति दोनों संस्थानों की साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे न केवल शोध को गति मिलेगी, बल्कि नीतिगत निर्णय लेने में भी मदद मिलेगी और जन-जागरूकता बढ़ेगी।

कार्यक्रम में केएसएससीआई के डीन डॉ. प्रमोद कुमार गुप्ता, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. वरुण विजय तथा आईआईटीआर के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. के.सी. कल्बे और डॉ. के.एम. अंसारी सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

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