शनिवार, 24 अक्टूबर 2026

खाना खाने के बाद 3 मिनट या 1 मिनट सीढ़ी चढ़ने-उतरने से नहीं बढ़ेगा शरीर में शुगर




 खाना खाने के बाद 3 मिनट या 1 मिनट सीढ़ी चढ़ने-उतरने से नहीं बढ़ेगा शरीर में शुगर


नई रिसर्च में खुलासा, खाने के तुरंत बाद की छोटी सी मूवमेंट से शुगर स्पाइक 42 फीसदी तक कम


 क्या आप जानते हैं कि शरीर में शुगर बढ़ने से रोकने के लिए घंटों जिम जाने की जरूरत नहीं है। खाने के बाद सिर्फ 1 से 3 मिनट सीढ़ी चढ़ना-उतरना ही काफी है। यह दावा हाल में दुनिया के प्रतिष्ठित मेडिकल जर्नल में छपे शोध में किया गया है।


शोधकर्ताओं के मुताबिक, खाने के बाद आप अगले 10 मिनट में क्या करते हैं, यही तय करता है कि आपका ब्लड शुगर कितना बढ़ेगा। बैठे रहना सबसे खराब विकल्प है।

कहां छपा है यह शोध

इस खबर का आधार 2026 में छपा सबसे नया ट्रायल है।


जर्नल का नाम: एक्सपेरिमेंटल फिजियोलॉजी

शोध का टाइटल: वन मिनट ऑफ लाइट इंटेंसिटी स्टेयर स्टेपिंग डिक्रीजेज पोस्टप्रांडियल ग्लाइसीमिया इन द इवनिंग इन नॉन डायबेटिक एडल्ट्स ए रैंडमाइज्ड कंट्रोल्ड ट्रायल


1 मिनट में 42 फीसदी शुगर घटा

संजय गांधी पीजीआई के एंडोक्राइन सर्जन प्रोफेसर ज्ञानचंद के मुताबिक ट्रायल में 30 वयस्कों को 75 ग्राम ग्लूकोज ड्रिंक के बाद दो शामों तक परखा गया। एक बार वे बैठे रहे, दूसरी बार सिर्फ 1 मिनट अपनी मर्जी की गति से सीढ़ियां चढ़े-उतरे।


लोगों ने इस मेहनत को 10 में से सिर्फ 1.9 अंक दिया, यानी बैठने से थोड़ा ही ज्यादा।


नतीजा चौंकाने वाला रहा। बैठे रहने पर 60 मिनट में शुगर 4.3 तक बढ़ा, जबकि 1 मिनट सीढ़ी के बाद सिर्फ 2.5 तक। यानी करीब 42 फीसदी कम उछाल।


शोधकर्ताओं ने शाम का समय इसलिए चुना क्योंकि रात में वही खाना सुबह के मुकाबले ज्यादा शुगर बढ़ाता है।

तो 1 मिनट काफी है या 3 मिनट?

इसी टीम के पहले के प्रयोगों में पाया गया है कि रोज के खाने के बाद और शाम के समय 1 मिनट काफी है, लेकिन अगर हर स्थिति में भरोसेमंद उपाय चाहिए तो वह 3 मिनट है। सुबह के समय ग्लूकोज ड्रिंक के बाद 1 मिनट का असर नहीं दिखा, लेकिन 3 मिनट ने हर बार शुगर को कम किया।


इसलिए वैज्ञानिकों का कहना है कि अगर एक स्थायी आदत बनानी है तो 3 मिनट को लक्ष्य रखें।

शरीर में कैसे होता है असर

दरअसल, मसल्स के सिकुड़ने पर शरीर बिना इंसुलिन के ही ग्लूकोज सोख लेता है। इसके लिए जी ल्यूट फोर ट्रांसपोर्टर जिम्मेदार है, जो मसल्स के सिकुड़ने पर सेल की सतह पर आ जाता है। इसीलिए जिन लोगों में इंसुलिन का असर कमजोर है, उनमें भी इसका फायदा मिनटों में दिखता है।

सबसे जरूरी है टाइमिंग

कई स्टडीज की बड़ी समीक्षा में यह भी सामने आया है कि खाने के बाद की एक्सरसाइज, खाने से पहले की एक्सरसाइज से बेहतर है। खाने और चलने के बीच का गैप जितना कम होगा, फायदा उतना ज्यादा होगा। तुरंत की गई 3 मिनट की वॉक, एक घंटे बाद की लंबी वॉक से ज्यादा असरदार है।

क्या करें आप • खाना खाते ही बिस्तर या कुर्सी पर न बैठें, 10 मिनट के अंदर उठ जाएं। • घर में सीढ़ी है तो 1 से 3 मिनट धीरे-धीरे चढ़ें-उतरें, नहीं तो कमरे में ही टहल लें। • एक स्थायी आदत बनानी है तो 3 मिनट को लक्ष्य रखें। 


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