सावधान! मैट्रिमोनियल साइट कहीं न बन जाए आर्थिक तबाही का कारण
45 वर्ष से अधिक उम्र के लोग साइबर ठगों के नए निशाने पर
लखनऊ। मैट्रिमोनियल साइट अब रिश्ते ही नहीं, बल्कि साइबर ठगी का नया जाल भी बनती जा रही हैं। साइबर अपराधियों ने 45 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों और बुजुर्गों को निशाना बनाने के लिए बेहद सुनियोजित और खतरनाक तरीका अपनाया है। ठग गिरोह महिलाओं के जरिए मैट्रिमोनियल साइट पर दोस्ती कर भरोसा जीतते हैं और फिर निवेश व मुनाफे का लालच देकर लाखों–करोड़ों रुपये की ठगी कर लेते हैं।
साइबर क्राइम सेल के अनुसार अब तक इस तरह के 100 से अधिक मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें से 25 से ज्यादा मामलों में एफआईआर दर्ज की जा चुकी है। पुलिस ठगी की रकम वापस दिलाने के प्रयास में जुटी है।
ऐसे रचते हैं ठगी का जाल
जांच में सामने आया है कि गिरोह पहले मैट्रिमोनियल साइट पर 45 वर्ष से अधिक उम्र के, अकेले या भावनात्मक रूप से कमजोर लोगों को चिह्नित करता है। महिला प्रोफाइल के जरिए बातचीत शुरू की जाती है। खुद को कभी सामाजिक कार्यकर्ता, कभी निवेश सलाहकार, तो कभी सरकारी योजना से जुड़ा बताकर भरोसा जीता जाता है। इसके बाद ट्रेडिंग, शेयर मार्केट या क्रिप्टो निवेश के नाम पर मोटी रकम लगवाई जाती है।
25 लाख से शुरू हुई ठगी, फिर संपर्क ब्लॉक
गोमतीनगर निवासी एक व्यापारी ने बताया कि अकेलेपन के कारण उन्होंने मैट्रिमोनियल साइट पर एक महिला से संपर्क किया। महिला लगातार फोन कॉल, मैसेज और वीडियो कॉल करती थी। धीरे-धीरे ट्रेडिंग में निवेश के लिए प्रेरित किया। 25 लाख रुपये से अधिक लगाने के बाद कभी टैक्स, कभी प्रोसेसिंग फीस और कभी खाते में रकम फंसने का बहाना बनाकर और पैसे ट्रांसफर कराए गए। जब पीड़ित ने पैसे वापस मांगे तो महिला ने सभी संपर्क ब्लॉक कर दिए।
कुछ पुराने बड़े मामले
इंदिरानगर निवासी इंजीनियर से 15.98 लाख रुपये की ठगी
गोमतीनगर निवासी व्यापारी से 2.54 करोड़ रुपये की ठगी
जानकीपुरम निवासी बुजुर्ग से 28.60 लाख रुपये हड़प लिए गए
कई राज्यों में फैला नेटवर्क
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि यह गिरोह कई राज्यों में सक्रिय है। महिलाएं केवल शुरुआती संपर्क के लिए इस्तेमाल की जाती हैं, जबकि ठगी की रकम अलग-अलग बैंक खातों में तुरंत ट्रांसफर कर दी जाती है, जिससे रकम का पता लगाना मुश्किल हो जाता है।
सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव
पुलिस उपायुक्त अपराध व यातायात कमलेश दीक्षित ने बताया कि शिकायतों की संख्या लगातार बढ़ रही है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान कॉल, निवेश ऑफर या मदद की मांग पर तुरंत भरोसा न करें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत साइबर हेल्पलाइन या नजदीकी थाने में दें।
पुलिस का साफ कहना है—सतर्कता ही इस तरह की साइबर ठगी से बचाव का सबसे मजबूत हथियार है।

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