सोमवार, 2 नवंबर 2026

पीजीआइ ट्रामा सेंटरट में युवा मरीज के दोनों कूल्हों का एक साथ सफल प्रत्यारोपण

 



पीजीआइ ट्रामा सेंटरट में युवा मरीज के दोनों कूल्हों का एक साथ सफल प्रत्यारोपण



संजय गांधी पीजीआइ एपेक्स ट्रामा सेंटर के ऑर्थोपेडिक्स  विभाग के एडिशनल प्रोफेसर डॉ. कुमार केशव के नेतृत्व में चिकित्सकों की टीम ने गाजीपुर के 20 वर्षीय युवक अंकित यादव के दोनों कूल्हों का एक ही ऑपरेशन में सफल टोटल हिप रिप्लेसमेंट करने में सफलता हासिल किया है।


यह एंकिलोज़िंग स्पॉन्डिलाइटिस से पीड़ित थे।  यह एक क्रॉनिक इन्फ्लेमेटरी आर्थराइटिस है जो युवाओं में रीढ़ और बड़े जोड़ों को खराब करता है। पहले उसे संस्थान  के क्लिनिकल इम्यूनोलॉजी और रूमेटोलॉजी  विभाग में बायोलॉजिक दवाएं दी गईं, लेकिन दर्द में आराम नहीं मिला। ऑर्थोपेडिक्स में जांच पर पता चला कि उसका दायां कूल्हा पूरी तरह और बायां कूल्हा आंशिक रूप से फ्यूज हो गया था। दायां कूल्हा 40 डिग्री और बायां 10 डिग्री मुड़ी हुई स्थिति में फिक्स था, जिससे उसके लिए खड़ा होना, चलना और बैठना मुश्किल हो गया था।


टीम ने लगभग चार घंटे चली सर्जरी में अत्याधुनिक ‘डायरेक्ट एंटीरियर अप्रोच’ (डी ए ए) तकनीक का इस्तेमाल किया और दोनों तरफ ‘अनसीमेंटेड सिरेमिक-ऑन-पॉली टोटल हिप रिप्लेसमेंट’ किया। इस तकनीक में मांसपेशियों को काटे बिना उनके बीच से कूल्हे तक पहुंचा जाता है।


प्रो. केशव ने बताया कि इस बीमारी में डी ए ए के चार बड़े फायदे हैं - मरीज को पीठ के बल लिटाकर आसानी से पोजिशनिंग, दोनों कूल्हों का एक साथ इलाज, पैरों की लंबाई का सटीक संतुलन और मांसपेशियों के सुरक्षित रहने से जल्दी रिकवरी।


एनेस्थीसिया टीम का नेतृत्व डा. वंश प्रिया ने किया, जिसमें डा. शिप्रा सिंह और डा. दीक्षा शामिल थीं। सर्जरी में डा. उत्कर्ष, डा. शैलेंद्र और नर्सिंग स्टाफ सचिन व कमलेश ने सहयोग दिया। मरीज अब पूरे वजन पर चल रहा है।

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